लखनऊ | 02 फरवरी 2026 रविवार को पेश हुए केंद्रीय बजट में उत्तर प्रदेश को बड़ी आर्थिक सौगात मिली है। बजट के तहत यूपी को अलग-अलग मदों में कुल 4.26 लाख करोड़ रुपये मिलने जा रहे हैं। यह राशि पिछले साल की तुलना में करीब 25 हजार करोड़ रुपये ज्यादा है। केंद्र सरकार से मिलने वाले इस फंड से प्रदेश के लगभग हर क्षेत्र में विकास को गति मिलने की उम्मीद है और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा। इस बजट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि केंद्रीय करों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी देश में सबसे ज्यादा रही है। केंद्र से मिलने वाले करों में से 2.68 लाख करोड़ रुपये सीधे यूपी के हिस्से आएंगे। इसमें कॉरपोरेशन टैक्स, इनकम टैक्स, केंद्रीय जीएसटी, कस्टम ड्यूटी और अन्य कर शामिल हैं। कुल केंद्रीय राज्यांश में यूपी की हिस्सेदारी 17.61 प्रतिशत रही है, जो यह दर्शाता है कि प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर कितनी बड़ी प्राथमिकता मिली है। केंद्र सरकार की ओर से पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत भी यूपी को बड़ा लाभ मिला है। स्पेशल कैपिटल असिस्टेंस स्कीम के अंतर्गत राज्य को 20 हजार करोड़ रुपये मिलेंगे, जो पूरी तरह ब्याजमुक्त होंगे और जिनकी वापसी की अवधि 50 साल की होगी। इसके अलावा सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए भी 10 हजार करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण मिलेगा, जिससे बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सकेगा। बजट में केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि रोजगार और आजीविका पर भी खास ध्यान दिया गया है। आईटी, बीपीओ और केपीओ सेक्टर को टैक्स राहत मिलने से निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर बनेंगे। पशुपालन, मत्स्य पालन, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रावधानों से किसानों, युवाओं और छोटे उद्यमियों को लाभ मिलेगा। वाराणसी का सारनाथ और मेरठ का हस्तिनापुर जैसे पर्यटन स्थल भी विकास की नई राह पर आगे बढ़ेंगे। कुल मिलाकर यह बजट उत्तर प्रदेश को विकास की तेज रफ्तार देने वाला साबित होगा। केंद्रीय बजट 2026 में यूपी को बड़ी सौगात, 4.26 लाख करोड़ से खुले विकास के नए रास्ते केंद्रीय बजट 2026 में उत्तर प्रदेश को बड़ी राहत और मजबूत समर्थन मिला है। इस बजट के तहत प्रदेश को अलग-अलग मदों में कुल 4.26 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे। यह राशि पिछले बजट से करीब 25 हजार करोड़ रुपये ज्यादा है। केंद्र सरकार से मिलने वाला यह पैसा राज्य के विकास कार्यों को तेज करेगा और हर सेक्टर को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगा। केंद्रीय करों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी पूरे देश में सबसे अधिक रही है। इस मद में राज्य को 2.68 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे। इससे सरकार को सड़कों, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, शहरी और ग्रामीण विकास जैसी योजनाओं को मजबूत करने का अवसर मिलेगा। एक्सप्रेसवे, मेट्रो, औद्योगिक कॉरिडोर और स्मार्ट सिटी जैसी परियोजनाओं को भी इससे नई गति मिलेगी। बजट में राज्यों के लिए विशेष पूंजी सहायता योजना के तहत यूपी को 20 हजार करोड़ रुपये मिलने का प्रावधान किया गया है। यह राशि पूरी तरह ब्याजमुक्त होगी और इसकी वापसी 50 साल में की जा सकेगी। इसके अलावा सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए भी 10 हजार करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण मिलेगा, जिससे बुनियादी ढांचे को और मजबूती मिलेगी। इस बजट में किसानों, युवाओं और महिलाओं पर भी खास फोकस रखा गया है। आईटी, बीपीओ और केपीओ सेक्टर को टैक्स राहत मिलने से रोजगार के नए अवसर बनेंगे। पशुपालन, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन को बढ़ावा मिलने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और उत्तर प्रदेश को “10 खरब डालर की अर्थव्यवस्था” बनाने की दिशा में यह बजट अहम भूमिका निभाएगा।
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