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Monday, 02 February 2026

अटारी-वाघा सीमा पर भावुक वापसी: पाकिस्तान से रिहा हुए सात भारतीय नागरिक सुरक्षित भारत लौटे

अमृतसर (पंजाब) | 2 फरवरी 2026


पाकिस्तान की जेल से रिहा किए गए सात भारतीय नागरिक शनिवार देर रात अटारी-वाघा सीमा के रास्ते सुरक्षित भारत लौट आए। सीमा पर कदम रखते ही अपनों से मुलाकात के दौरान भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा और कई लोगों की आंखें भर आईं। करीब ढाई साल बाद घर लौटे इन नागरिकों के लिए यह पल बेहद भावुक और सुकून देने वाला रहा।


रिहा किए गए नागरिकों में तीन फिरोजपुर जिले के, एक जालंधर, दो लुधियाना और एक उत्तर प्रदेश का निवासी है। लुधियाना जिले के गांव परजियां बिहारीपुर के रहने वाले रतनपाल सिंह और हरिंदर सिंह लगभग ढाई वर्ष बाद अपने परिवारों से मिल सके। दोनों मजदूरी और खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे और अचानक हुई इस घटना ने उनकी जिंदगी को लंबे समय तक रोक दिया था।


वर्ष 2023 में आई भीषण बाढ़ के दौरान ये सभी लोग अपने रिश्तेदारों, जमीन और पशुधन को बचाने के लिए सीमावर्ती इलाकों में गए थे। इसी दौरान पानी के तेज बहाव में बहकर वे अनजाने में सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गए। बाद में पाकिस्तान रेंजर्स की सूचना पर उन्हें पाकिस्तानी कानून के तहत हिरासत में ले लिया गया। लौटे नागरिकों ने बताया कि अदालत ने उन्हें एक वर्ष की सजा सुनाई थी, लेकिन कानूनी प्रक्रियाओं और औपचारिकताओं के कारण उन्हें करीब ढाई साल तक जेल में रहना पड़ा।


शनिवार को पाकिस्तान रेंजर्स ने सातों भारतीय नागरिकों को अटारी-वाघा सीमा पर बीएसएफ के हवाले किया। इसके बाद कस्टम, इमिग्रेशन और मेडिकल जांच की सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की गईं। चिकित्सकीय परीक्षण के लिए सभी को अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल ले जाया गया। रिहा होकर लौटे भारतीय नागरिकों में चंद्र सिंह, रतनपाल सिंह, हरिंदर सिंह, गुरमीत सिंह, विशाल, सुनील अड़े और जोगिंदर शामिल हैं, जिनकी सुरक्षित वापसी से उनके परिवारों ने राहत की सांस ली।

पाकिस्तान से रिहा सात भारतीयों की अटारी-वाघा सीमा पर घर वापसी, भावुक हुए परिजन


पाकिस्तान की जेल से रिहा किए गए सात भारतीय नागरिक शनिवार देर रात अटारी-वाघा सीमा के रास्ते सुरक्षित भारत लौट आए। सीमा पर पहुंचते ही अपनों को देखकर सभी भावुक हो गए और लंबे समय बाद घर लौटने की खुशी साफ झलक रही थी।


रिहा हुए नागरिकों में तीन फिरोजपुर, एक जालंधर, दो लुधियाना और एक उत्तर प्रदेश का निवासी है। लुधियाना के गांव परजियां बिहारीपुर के रतनपाल सिंह और हरिंदर सिंह करीब ढाई साल बाद अपने परिवार से मिले। वे मजदूरी और खेती कर परिवार का गुजारा करते हैं।


वर्ष 2023 की भीषण बाढ़ के दौरान ये सभी लोग अपने रिश्तेदारों, जमीन और पशुधन को बचाने सीमावर्ती क्षेत्रों में गए थे। इसी दौरान पानी के तेज बहाव में बहकर वे अनजाने में सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गए, जहां उन्हें पाकिस्तानी कानून के तहत हिरासत में लिया गया।


शनिवार को पाकिस्तान रेंजर्स ने सभी को बीएसएफ के हवाले किया, जिसके बाद इमिग्रेशन, कस्टम और मेडिकल जांच की गई। चिकित्सकीय परीक्षण के लिए उन्हें अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल ले जाया गया। सुरक्षित वापसी से परिजनों ने राहत की सांस ली।


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