Breaking News :

“सीएम हिमंता बिस्वा की पत्नी की एफआईआर के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली आवास पर पहुंची असम पुलिस

“10 अप्रैल से टोल प्लाजा पर कैश बंद, यूपीआई से भुगतान करने पर देना होगा 1.25 गुना अधिक शुल्क”

अमरावती आंध्र प्रदेश की राजधानी घोषित, सीएम चंद्रबाबू नायडू ने जारी की राजपत्र अधिसूचना

'मटका किंग' का ट्रेलर रिलीज, 1960 के मुंबई की अंधेरी दुनिया की कहानी दिखाती है सीरीज

Himanta Biswa Sarma Vows to Locate Pawan Khera Amid Political Tensions

आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी,जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा।" :डोनाल्ड ट्रंप

सीएम धामी ने दिए चारधाम यात्रा से पहले सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश

Former Australian Cricketer David Warner Charged with Drink Driving After Sydney Breath Test

राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को कड़ा प्रहार : कितने टुकड़ों में बंटेगा, भगवान ही जाने!

राज्यों का विधान सभा चुनाव असम, केरल और पुडुचेरी में प्रचार थमा, 9 अप्रैल को मतदान

Parquet Courts on Resisting Nihilism & Why Tourism in Dubai is booming the world.

Parquet Courts on Resisting Nihilism & Why Tourism in Dubai is booming the world.

Tuesday, 07 April 2026

“10 अप्रैल से टोल प्लाजा पर कैश बंद, यूपीआई से भुगतान करने पर देना होगा 1.25 गुना अधिक शुल्क”

देशभर में टोल प्लाजा पर भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि 10 अप्रैल से अधिकांश टोल प्लाजा पर नकद (कैश) भुगतान की सुविधा बंद कर दी जाएगी। अब वाहन चालकों को टोल शुल्क चुकाने के लिए FASTag या डिजिटल माध्यमों का ही उपयोग करना होगा।

सरकार का उद्देश्य टोल प्लाजा पर लंबी कतारों को खत्म करना और भुगतान प्रक्रिया को तेज व पारदर्शी बनाना है। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल भुगतान से समय की बचत होगी और यातायात भी सुचारु रूप से चलेगा।

हालांकि, नई व्यवस्था में यूपीआई से भुगतान करने वालों को अधिक शुल्क देना पड़ सकता है। खबरों के मुताबिक, यूपीआई के जरिए टोल भुगतान करने पर सामान्य दर से लगभग 1.25 गुना अधिक शुल्क लग सकता है। इस निर्णय का मकसद लोगों को FASTag अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना बताया जा रहा है, क्योंकि FASTag को टोल भुगतान का सबसे तेज और सुविधाजनक तरीका माना जा रहा है।

सरकार ने पहले ही सभी वाहनों के लिए FASTag अनिवार्य कर दिया है और अब इस कदम के जरिए नकद लेन-देन को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से डिजिटल इंडिया अभियान को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन आम लोगों पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ भी पड़ सकता है। ऐसे में वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते FASTag का उपयोग शुरू कर दें, ताकि अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके।

Read Previous

Samsung goes big in India factory ever created

Read Next

Samsung goes big in India factory ever created

Add Comment

Sign up for the Newsletter

Join our newsletter and get updates in your inbox. We won’t spam you and we respect your privacy.