LPG Prices Rise in Meerut; Domestic Cylinder Now Costs ₹910.50
गोमाता को ‘राज्यमाता’ घोषित करने की मांग के साथ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा शुरू, कई जिलों में करेंगे जनसभाएं
वाराणसी | 7 मार्च 2026
ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश में गाय को ‘राज्यमाता’ का दर्जा देने और गो हत्या पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर अपनी यात्रा की शुरुआत कर दी है। इस अभियान को उन्होंने “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध” नाम दिया है। शुक्रवार को काशी के घाटों पर गंगा पूजन के साथ इस आंदोलन का औपचारिक शंखनाद किया गया। इससे पहले उन्होंने राज्य सरकार से 40 दिनों के भीतर अपनी मांगों को स्वीकार करने का आग्रह किया था, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम न उठाए जाने के बाद उन्होंने इस यात्रा का निर्णय लिया।
शनिवार सुबह स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने काशी के श्रीचिंतामणि गणेश मंदिर और संकटमोचन मंदिर में पूजा-अर्चना की और फिर लखनऊ की ओर प्रस्थान किया। यात्रा के दौरान वे विभिन्न जिलों में सभाएं करेंगे और गो संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य समाज में गाय के संरक्षण के महत्व को रेखांकित करना और सरकार से इस विषय पर ठोस निर्णय लेने की अपील करना बताया जा रहा है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की यह यात्रा कई जिलों से होकर गुजरेगी। 7 मार्च को वे जौनपुर, सुल्तानपुर और रायबरेली में सभाएं करेंगे। इसके बाद 8 मार्च को रायबरेली से मोहनलालगंज, लालगंज, अचलगंज और उन्नाव में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 9 मार्च को उन्नाव, बांगरमऊ, बघौली और नैमिषारण्य में सभाएं प्रस्तावित हैं, जबकि 10 मार्च को नैमिषारण्य से सिधौली होते हुए यात्रा आगे बढ़ेगी।
यात्रा के अंतिम चरण में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेंगे, जहां वे अपने अभियान के अगले कदमों को लेकर विचार-विमर्श करेंगे। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर आयोजित सभाओं के माध्यम से वे लोगों को गो रक्षा के प्रति जागरूक करने और अपनी मांगों के समर्थन में जनसमर्थन जुटाने का प्रयास करेंगे।
गोमाता को ‘राज्यमाता’ घोषित करने की मांग के साथ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा शुरू, कई जिलों में करेंगे जनसभाएं
ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश में गाय को ‘राज्यमाता’ का दर्जा देने और गो हत्या पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर अपनी यात्रा की शुरुआत कर दी है। इस अभियान को उन्होंने “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध” नाम दिया है। शुक्रवार को काशी के घाटों पर गंगा पूजन के साथ इस आंदोलन का औपचारिक शंखनाद किया गया। इससे पहले उन्होंने राज्य सरकार से 40 दिनों के भीतर अपनी मांगों को स्वीकार करने का आग्रह किया था, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम न उठाए जाने के बाद उन्होंने इस यात्रा का निर्णय लिया।
शनिवार सुबह स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने काशी के श्रीचिंतामणि गणेश मंदिर और संकटमोचन मंदिर में पूजा-अर्चना की और फिर लखनऊ की ओर प्रस्थान किया। यात्रा के दौरान वे विभिन्न जिलों में सभाएं करेंगे और गो संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य समाज में गाय के संरक्षण के महत्व को रेखांकित करना और सरकार से इस विषय पर ठोस निर्णय लेने की अपील करना बताया जा रहा है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की यह यात्रा कई जिलों से होकर गुजरेगी। 7 मार्च को वे जौनपुर, सुल्तानपुर और रायबरेली में सभाएं करेंगे। इसके बाद 8 मार्च को रायबरेली से मोहनलालगंज, लालगंज, अचलगंज और उन्नाव में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 9 मार्च को उन्नाव, बांगरमऊ, बघौली और नैमिषारण्य में सभाएं प्रस्तावित हैं, जबकि 10 मार्च को नैमिषारण्य से सिधौली होते हुए यात्रा आगे बढ़ेगी।
यात्रा के अंतिम चरण में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेंगे, जहां वे अपने अभियान के अगले कदमों को लेकर विचार-विमर्श करेंगे। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर आयोजित सभाओं के माध्यम से वे लोगों को गो रक्षा के प्रति जागरूक करने और अपनी मांगों के समर्थन में जनसमर्थन जुटाने का प्रयास करेंगे।
Add Comment