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ईरान में उथल-पुथल के बीच भारतीयों की गिरफ्तारी की खबर पर सस्पेंस खत्म, तेहरान ने किया साफ इनकार
तेहरान | 12 जनवरी 2026
ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी से जुड़ी खबरों ने हलचल मचा दी थी। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि ईरानी पुलिस ने छह भारतीयों को हिरासत में लिया है। हालांकि, इन दावों को ईरान ने पूरी तरह भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया है।
ईरान में लगातार बिगड़ते आर्थिक हालात, बढ़ती महंगाई और गिरती मुद्रा के चलते जनता का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। देश के कई शहरों में सरकार विरोधी प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं। अब तक इस आंदोलन में 500 से अधिक लोगों की मौत की खबर है, जबकि हजारों लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट में दावा किया गया कि ईरानी पुलिस ने 10 अफगान और 6 भारतीय नागरिकों समेत कुछ स्थानीय लोगों को हिरासत में लिया है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहअली ने इन रिपोर्ट्स को पूरी तरह झूठा बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि ईरान में घटनाक्रम को लेकर कुछ विदेशी अकाउंट्स गलत और भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं।
राजदूत ने लोगों से अपील की कि वे केवल विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। वहीं, ईरान सरकार ने अब तक हताहतों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है। हालात की स्वतंत्र पुष्टि पर भी असर पड़ा है, क्योंकि देशभर में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाओं पर कड़ी पाबंदियां लगाई गई हैं।
इस बीच ईरान के अपदस्थ शाह के बेटे रेजा पहलवी ने सुरक्षा बलों से जनता के साथ खड़े होने की अपील की है और प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने का आग्रह किया है। ईरान में हालात फिलहाल बेहद तनावपूर्ण बने हुए ईरान में हिंसक प्रदर्शन के बीच भारतीयों की गिरफ्तारी की अफवाह, तेहरान ने दावों को बताया बेबुनियाद
ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ चल रहे उग्र विरोध प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से वायरल हुआ कि ईरानी सुरक्षा बलों ने छह भारतीय नागरिकों को हिरासत में लिया है। हालांकि, ईरान सरकार ने इन खबरों को पूरी तरह भ्रामक करार देते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।
देश में बढ़ती महंगाई, खराब होती अर्थव्यवस्था और मुद्रा के गिरते मूल्य से नाराज़ जनता बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आई है। कई शहरों में प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुके हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, कार्रवाई में अब तक 500 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इसी बीच वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि ईरानी पुलिस ने 10 अफगान और 6 भारतीय नागरिकों समेत कुछ स्थानीय सहयोगियों को पकड़ा है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहअली ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इन रिपोर्ट्स को पूरी तरह झूठा बताया। उन्होंने कहा कि कुछ विदेशी अकाउंट्स जानबूझकर गलत सूचनाएं फैला रहे हैं और जनता को केवल भरोसेमंद स्रोतों पर ही भरोसा करना चाहिए।
ईरान सरकार ने अब तक मृतकों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है। हालात की स्वतंत्र पुष्टि भी कठिन बनी हुई है, क्योंकि देशभर में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। वहीं, ईरान के अपदस्थ शाह के पुत्र रेजा पहलवी ने सुरक्षा बलों से जनता के साथ खड़े होने और प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने की अपील की है।
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