Flood Crisis in Odisha’s Sorada as Rising River Waters Submerge Town and Villages
राजनाथ सिंह का आतंकवाद पर सख्त रुख, ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2026
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और मलेशिया वर्ष 2024 से 2027 के चक्र के लिए आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्य समूह की संयुक्त रूप से अध्यक्षता कर रहे हैं। भारत इस क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करने और आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के अपने दृढ़ संकल्प को दोहराता है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद विरोधी क्षेत्र में भारत का अनुभव केवल कक्षा या सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि दशकों तक जमीनी स्तर पर सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने से प्राप्त हुआ है। आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रत्येक रणनीति वास्तविक अभियानों में परखी गई है और अपनी प्रभावशीलता साबित कर चुकी है।
रक्षा मंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृष्टिकोण का उदाहरण देते हुए पिछले वर्ष हुए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में आतंकवादी ढांचों को नष्ट किया गया। उनके मुताबिक, यह राज्य प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत के स्पष्ट रुख की भी घोषणा थी।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती। इसी वजह से भारत अपने सहयोगी देशों के साथ आतंकवाद विरोधी अभियानों से प्राप्त व्यावहारिक और युद्ध के मैदान में परखे गए अनुभव साझा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
रक्षा मंत्री ने संयुक्त सैन्य अभ्यास, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों और मजबूत खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था को सुरक्षा सुदृढ़ करने का अहम माध्यम बताया। उन्होंने ऐसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र की परिकल्पना पर जोर दिया, जो सुरक्षित और मजबूत हो तथा जहां शांति एवं स्थिरता कायम रहे।
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