Palak Tiwari, Vishal Jethwa Pair Up for Anand Tiwari’s Next OTT Project
नाना पाटेकर का निधन, 75 की उम्र में ली अंतिम सांस।
नई दिल्ली, 08 अक्टूबर 2026
हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। 75 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। गोवा के डोना पाउला स्थित अपने आवास पर वे बेहोशी की हालत में पाए गए थे। इसके बाद उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था। अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें होश में लाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उनके निधन की खबर से मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
नाना पाटेकर ने वर्ष 1978 में फिल्म ‘गमन’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। हालांकि, वर्ष 1986 में रिलीज हुई फिल्म ‘अंकुश’ ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने हिंदी के साथ-साथ मराठी सिनेमा में भी लगातार काम किया। ‘परिंदा’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘खामोशी’ जैसी फिल्मों में उनके दमदार अभिनय ने उन्हें दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई। उन्होंने अपने लंबे करियर में गंभीर भूमिकाओं के अलावा हास्य और नकारात्मक किरदार भी प्रभावी ढंग से निभाए। ‘परिंदा’ में गैंगस्टर की भूमिका से लेकर ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’ और ‘क्रांतिवीर’ में उनके एक्शन अवतार तक, अलग-अलग किरदारों में उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता साबित की।
नाना पाटेकर अपने करियर के अंतिम दौर तक सिनेमा से जुड़े रहे। वर्ष 2025 में वह ‘हाउसफुल 5’ में नजर आए थे। इस फिल्म में उनके साथ अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, अभिषेक बच्चन, जैकलीन फर्नांडिस, चित्रांगदा सिंह और नरगिस फाखरी जैसे कलाकार भी दिखाई दिए थे। इसके बाद वह शाहिद कपूर की फिल्म ‘ओ रोमियो’ और अनिल कपूर की ‘सूबेदार’ में विशेष भूमिका में नजर आए। अभिनय के अलावा नाना पाटेकर फिल्म निर्माण और पटकथा लेखन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना चुके थे।
नाना पाटेकर का जुड़ाव केवल सिनेमा तक सीमित नहीं रहा। वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने अपना अभिनय करियर छोड़कर मराठा लाइट इन्फेंट्री रेजिमेंट के साथ मिलकर युद्ध में योगदान दिया था। फिल्मों में उन्होंने कई बार पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिकाएं भी निभाईं और अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया। अपने सिनेमा योगदान के लिए उन्हें तीन राष्ट्रीय पुरस्कार और चार फिल्मफेयर पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। वर्ष 2013 में उन्हें पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया। उनके निधन के साथ भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे बहुआयामी कलाकार को खो दिया है, जिसने करीब पांच दशक तक अपने अभिनय से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।
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