प्रतिष्ठित वैश्विक स्थलों पर सजेगा योग का मंच, भारतीय मिशनों ने झोंकी ताकत

नई दिल्ली। वैश्विक मंच पर 'स्वस्थ आयु के लिए योग' का संदेश देने के लिए दुनिया भर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के भव्य आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए विदेशों में स्थित भारतीय मिशन बेहद सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। भारतीय दूतावास, उच्चायोग और महावाणिज्य दूतावासों की ओर से दुनियाभर के शहरों में पिछले कई दिनों से बड़े योग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें भारतीय मूल के लोगों के साथ ही स्थानीय लोगों का तांता लगा हुआ है।

भारतीय मिशनों के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर साझा की जा रही जानकारियों से साफ है कि इस बार आयोजन को अभूतपूर्व बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी गई है। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के सहयोग से 210 से अधिक भारतीय मिशनों द्वारा दुनिया भर में 2500 से अधिक स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

न्यूयॉर्क स्थित यूएन में भारत के स्थायी मिशन व आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित 'कॉमन योग प्रोटोकॉल' सत्र में 800 से अधिक लोगों ने भाग लिया। वाशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास ने प्रसिद्ध लिंकन मेमोरियल पर इस वर्ष का फ्लैगशिप आउटडोर सत्र आयोजित करने का आधिकारिक निमंत्रण अपने एक्स हैंडल पर जारी किया है। पुर्तगाल में टेम्पलो रोमानो डी इवोरा (ऐतिहासिक रोमन मंदिर) और जर्मनी के बर्लिन में स्थानीय नगर पालिकाओं के साथ मिलकर इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ आयु के लिए योग' पर आधारित विशेष डिजिटल पंजीकरण अभियान संचालित किए जा रहे हैं। 

काहिरा में भारतीय दूतावास इस बार 21 जून की सुबह विश्व के प्राचीन अजूबे 'गीज़ा के पिरामिड' के सामने अपना मुख्य योग कार्यक्रम आयोजित करेगा। वहीं अबू धाबी में भारतीय दूतावास लौवर अबू धाबी के विश्व प्रसिद्ध गुंबद (डोम) के नीचे 21 जून को विशेष योग सत्र का आयोजन करेगा। 

इस वर्ष के आयोजनों की सबसे बड़ी उपलब्धि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देखने को मिली है। आयुष मंत्रालय और मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान द्वारा आयोजित 14 जून के विशेष लाइव योग सत्र ने एक नया 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' स्थापित किया है। यूट्यूब लाइव स्ट्रीम के माध्यम से आयोजित इस सत्र को एक साथ 4,35,831 सत्यापित दर्शकों ने लाइव देखा, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए केवल भारत के लोगों ने नहीं, बल्कि पूरी दुनिया ने एक साथ लॉग-इन किया था। फिलीपींस, मलेशिया, मॉरीशस, जॉर्डन, लिथुआनिया और हांगकांग जैसे दर्जनों देशों में स्थित भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों ने अपने एक्स और फेसबुक हैंडल से व्यापक पंजीकरण अभियान चलाते हुए भारी प्रचार किया था।

भारत की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत 'योग' को वैश्विक आंदोलन बनाने में भारतीय मिशनों की बड़ी भूमिका रही है। विदेशों में भारतीय मिशन आईसीसीआर के सहयोग से योग प्रमाणन बोर्ड (वाईसीबी) की परीक्षाओं का समन्वय भी करते हैं। इसके तहत विदेशी योग प्रशिक्षकों और पेशेवरों को भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त आधिकारिक डिजिटल सर्टिफिकेट दिए जाते हैं, ताकि विदेशों में शरीर एवं मन को स्वस्थ रखने वाली इस प्राचीन पद्धति का जोर-शोर से प्रसार हो सके। इसके अतिरिक्त, वैश्विक स्तर पर चलाई जा रही ‘योग संगम’ और ‘हार्टफुलनेस ग्लोबल क्लासेज’ जैसे अभियानों के तहत, 15 से 21 जून के बीच 11 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं (जैसे अरबी, फ्रेंच, स्पेनिश, जर्मन) में शामिल होने वाले विदेशी प्रतिभागियों को डिजिटल सहभागिता प्रमाणपत्र सीधे उनके व्हाट्सएप और ईमेल पर जारी किए जा रहे हैं।

(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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