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Thursday, 22 January 2026

अटल पेंशन योजना को 2030-31 तक विस्तार, असंगठित क्षेत्र को मिलेगी मजबूत सामाजिक सुरक्षा

नई दिल्ली | 21 जनवरी 2026


केंद्र सरकार ने असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए अटल पेंशन योजना (एपीवाई) को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही योजना के प्रचार, विकासात्मक गतिविधियों और अंतर-निधि सहायता के लिए केंद्र सरकार की वित्तीय मदद को भी 2030-31 तक बढ़ाने की स्वीकृति दी गई है।


सरकार की कार्यान्वयन रणनीति के तहत अटल पेंशन योजना को और मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा। इसके अंतर्गत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तक योजना की पहुंच बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार अभियान चलाए जाएंगे। जागरूकता कार्यक्रमों और क्षमता निर्माण गतिविधियों के जरिए लोगों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, योजना की दीर्घकालिक स्थिरता और व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधान भी किए जाएंगे, ताकि भविष्य में किसी तरह की कमी न रहे।


केंद्र सरकार का मानना है कि इस फैसले से निम्न आय वर्ग और असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों लोगों को वृद्धावस्था में नियमित आय की सुरक्षा मिलेगी। यह कदम न केवल सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि देश में वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा देगा। सरकार का कहना है कि अटल पेंशन योजना भारत को एक पेंशन-आधारित समाज की दिशा में आगे ले जा रही है और यह विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी।


अटल पेंशन योजना की शुरुआत 9 मई 2015 को असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था में आय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। यह योजना अंशदान आधारित है, जिसमें 60 वर्ष की आयु के बाद लाभार्थी को 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की गारंटीकृत मासिक पेंशन मिलती है। 19 जनवरी 2026 तक इस योजना से 8.66 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। सरकार का मानना है कि योजना की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए इसके निरंतर विस्तार और सरकारी समर्थन की आवश्यकता है, ताकि देश के हर जरूरतमंद नागरिक को सुरक्षित भविष्य मिल सके।


अटल पेंशन योजना को 2030-31 तक हरी झंडी, असंगठित मजदूरों के भविष्य को मिली मजबूती


प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अटल पेंशन योजना (एपीवाई) को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने का बड़ा फैसला लिया है। इसके साथ ही योजना के प्रचार, विकासात्मक गतिविधियों और अंतर-निधि सहायता के लिए केंद्र सरकार की वित्तीय मदद को भी आगे बढ़ाने की मंजूरी दी गई है। यह निर्णय असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों लोगों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।


सरकार का उद्देश्य है कि अटल पेंशन योजना की पहुंच देश के हर कोने तक पहुंचे। इसके लिए जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण जैसी गतिविधियों को तेज किया जाएगा। साथ ही योजना को लंबे समय तक स्थिर बनाए रखने के लिए आवश्यक धनराशि का प्रावधान किया जाएगा, ताकि भविष्य में पेंशन भुगतान को लेकर कोई समस्या न आए।


इस फैसले से कम आय वर्ग और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह कदम वित्तीय समावेशन को मजबूत करेगा और भारत को एक पेंशन-आधारित समाज की दिशा में आगे ले जाएगा। यह योजना विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने में भी अहम योगदान देगी।


अटल पेंशन योजना की शुरुआत 9 मई 2015 को की गई थी, जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के लोगों को बुढ़ापे में नियमित आय देना है। इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक की गारंटीकृत मासिक पेंशन मिलती है। 19 जनवरी 2026 तक 8.66 करोड़ से अधिक लोग इस योजना से जुड़ चुके हैं, जो इसकी बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।


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