Breaking News :

Kerala High Court Halts Release of The Kerala Story 2 Hours Before Scheduled Premiere

Yogi Adityanath Experiences Japan’s 501 km/h Maglev, Calls It a Glimpse of the Future

यूपी–यामानाशी के बीच ग्रीन हाइड्रोजन समझौता, छात्रों को मिलेगा जापान में प्रशिक्षण

Namaste” Moment in Japan: Cultural Warmth Marks Yogi Adityanath’s Official Visit

PM Modi’s Israel Visit Highlights Strong Bonds as Warm Reception Greets Him at Knesset

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद यौन शोषण मामला: मेडिकल रिपोर्ट में उत्पीड़न के संकेत, जांच तेज

Deepfakes Threaten Public Trust and Social Foundations, Warns Ashwini Vaishnaw

PM Modi Tops Instagram Charts, Emerges as the World’s Most Followed Leader Online

India Hits Back at Pakistan at UNHRC, Calls J&K an Integral Part and Asks Islamabad to Vacate Occupied Areas

उत्तराखंड के नगर निगमों में पर्यावरण को मिलेगी नई ताकत, कैबिनेट ने दी पर्यावरण इंजीनियरों की तैनाती को मंजूरी

Parquet Courts on Resisting Nihilism & Why Tourism in Dubai is booming the world.

Parquet Courts on Resisting Nihilism & Why Tourism in Dubai is booming the world.

Thursday, 26 February 2026

जनगणना 2027: भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल गिनती, मोबाइल और जियो-टैगिंग से जुटेगा हर घर का डेटा

नई दिल्ली | 26 फरवरी 2026


हर दस साल में होने वाली जनगणना इस बार एक नए डिजिटल दौर में प्रवेश करने जा रही है। जनगणना 2027 को पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के रूप में कराया जाएगा, जिसमें कागजी फॉर्म और रजिस्टरों की जगह मोबाइल डिवाइस, जियो-टैगिंग मैपिंग टूल और एक केंद्रीकृत वेब-आधारित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल होगा। यह भारत की पहली ऐसी जनगणना होगी, जहां आंकड़ों का संग्रह, संकलन और सत्यापन डिजिटल माध्यम से किया जाएगा, जिससे समय बचेगा और गलतियों की गुंजाइश कम होगी।


इस पूरी प्रक्रिया के संचालन के लिए जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस) नाम का एक विशेष डिजिटल पोर्टल तैयार किया गया है। इसके जरिए दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक अभ्यासों में से एक मानी जाने वाली भारत की जनगणना का प्रबंधन होगा। करीब 32 लाख गणनाकार और पर्यवेक्षक मोबाइल डिवाइस के माध्यम से देशभर के करोड़ों घरों से जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक जानकारी जुटाएंगे, जो सीधे सीएमएमएस सिस्टम में रियल-टाइम ट्रांसमिट होगी।


भारत के रजिस्ट्रार जनरल  मृत्युंजय कुमार नारायण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भेजे परिपत्र में डिजिटल तकनीक के व्यापक इस्तेमाल पर जोर दिया है। परिपत्र में साफ कहा गया है, “आगामी जनगणना 2027 में आंकड़ों के संग्रह और प्रसार की गुणवत्ता, दक्षता और समयबद्धता को बढ़ाने के लिए डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। आगामी जनगणना में आंकड़े डिजिटल माध्यम से एकत्र किए जाएंगे, जो जनगणना प्रक्रिया के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी कदम होगा।” सीएमएमएस के जरिए प्रशिक्षण, गणनाकर्मियों की नियुक्ति, पहचान पत्र जारी करने और फील्ड ऑपरेशन की लगभग वास्तविक समय में निगरानी संभव होगी।


इस बार वेब-बेस्ड मैपिंग एप्लीकेशन के जरिए घरों की जियो-टैगिंग भी की जाएगी, जिससे किसी क्षेत्र के छूटने या दोहराव की संभावना कम होगी। अधिकारियों के मुताबिक, यह डिजिटल डेटा भविष्य में आपदा प्रबंधन, बुनियादी ढांचा विकास और योजना निर्माण में भी उपयोगी होगा। जनगणना 2027 के लिए केंद्र सरकार ने 11,718 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं और पहली बार इसमें जाति गणना को भी शामिल किया गया है। यह आजादी के बाद देश की 16वीं जनगणना होगी, जिसमें नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प भी मिलेगा। जनगणना दो चरणों में होगी पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 तक मकान सूचीकरण और आवास गणना का, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना का होगा।

 जनगणना 2027: भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल गिनती, मोबाइल और जियो-टैगिंग से जुटेगा हर घर का डेटा


हर दस साल में होने वाली जनगणना इस बार एक नए डिजिटल दौर में प्रवेश करने जा रही है। जनगणना 2027 को पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के रूप में कराया जाएगा, जिसमें कागजी फॉर्म और रजिस्टरों की जगह मोबाइल डिवाइस, जियो-टैगिंग मैपिंग टूल और एक केंद्रीकृत वेब-आधारित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल होगा। यह भारत की पहली ऐसी जनगणना होगी, जहां आंकड़ों का संग्रह, संकलन और सत्यापन डिजिटल माध्यम से किया जाएगा, जिससे समय बचेगा और गलतियों की गुंजाइश कम होगी।


इस पूरी प्रक्रिया के संचालन के लिए जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस) नाम का एक विशेष डिजिटल पोर्टल तैयार किया गया है। इसके जरिए दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक अभ्यासों में से एक मानी जाने वाली भारत की जनगणना का प्रबंधन होगा। करीब 32 लाख गणनाकार और पर्यवेक्षक मोबाइल डिवाइस के माध्यम से देशभर के करोड़ों घरों से जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक जानकारी जुटाएंगे, जो सीधे सीएमएमएस सिस्टम में रियल-टाइम ट्रांसमिट होगी।


भारत के रजिस्ट्रार जनरल  मृत्युंजय कुमार नारायण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भेजे परिपत्र में डिजिटल तकनीक के व्यापक इस्तेमाल पर जोर दिया है। परिपत्र में साफ कहा गया है, “आगामी जनगणना 2027 में आंकड़ों के संग्रह और प्रसार की गुणवत्ता, दक्षता और समयबद्धता को बढ़ाने के लिए डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। आगामी जनगणना में आंकड़े डिजिटल माध्यम से एकत्र किए जाएंगे, जो जनगणना प्रक्रिया के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी कदम होगा।” सीएमएमएस के जरिए प्रशिक्षण, गणनाकर्मियों की नियुक्ति, पहचान पत्र जारी करने और फील्ड ऑपरेशन की लगभग वास्तविक समय में निगरानी संभव होगी।


इस बार वेब-बेस्ड मैपिंग एप्लीकेशन के जरिए घरों की जियो-टैगिंग भी की जाएगी, जिससे किसी क्षेत्र के छूटने या दोहराव की संभावना कम होगी। अधिकारियों के मुताबिक, यह डिजिटल डेटा भविष्य में आपदा प्रबंधन, बुनियादी ढांचा विकास और योजना निर्माण में भी उपयोगी होगा। जनगणना 2027 के लिए केंद्र सरकार ने 11,718 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं और पहली बार इसमें जाति गणना को भी शामिल किया गया है। यह आजादी के बाद देश की 16वीं जनगणना होगी, जिसमें नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प भी मिलेगा। जनगणना दो चरणों में होगी पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 तक मकान सूचीकरण और आवास गणना का, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना का होगा।


Read Previous

Samsung goes big in India factory ever created

Read Next

Samsung goes big in India factory ever created

Add Comment

Sign up for the Newsletter

Join our newsletter and get updates in your inbox. We won’t spam you and we respect your privacy.