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UP: पेनड्राइव में भेजे गए वीडियो सबूत, निलंबित PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री पर कसेगा शिकंजा
बरेली | 03 फरवरी 2026
निलंबित PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। जिला प्रशासन ने उनके खिलाफ पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट के साथ पुख्ता सबूत शासन को भेज दिए हैं। इन सबूतों में पेनड्राइव के जरिए कई वीडियो भी शामिल हैं। अब शासन स्तर से अलंकार के खिलाफ आरोपपत्र जारी किया जाना है, जिससे उनके लिए आगे की राह और कठिन हो सकती है।
26 जनवरी को सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद उसी दिन शासन ने जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया था। जिला प्रशासन का कहना है कि इस्तीफा देने के बाद अलंकार ने सोशल मीडिया पर उसे वायरल किया और सरकार के खिलाफ खुलकर प्रदर्शन किया। 27 जनवरी को कलक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन की वीडियोग्राफी भी कराई गई, जिसे अब साक्ष्य के तौर पर शासन को सौंपा गया है। फिलहाल शासन द्वारा नामित जांच अधिकारी मंडलायुक्त के पास अभी तक आरोपपत्र नहीं पहुंचा है।
अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे में यूजीसी के नए नियमों और प्रयागराज में शंकराचार्य व उनके शिष्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार का जिक्र किया था। निलंबन के बाद उन्हें शामली जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया, लेकिन अब तक उन्होंने वहां अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है। इस बीच वह रविवार को वाराणसी में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात करते नजर आए।
व्हाट्सएप स्टेटस के जरिए अलंकार ने समर्थकों से सात फरवरी को दिल्ली कूच की तैयारी करने की अपील की है। उन्होंने लिखा, “# सत्ता परिवर्तन... दिल्ली कूच करो 7 फरवरी... एससी-एसटी एक्ट वापस करो और मोदी-शाह वापस जाओ...।” वहीं, उन्होंने अपने निलंबन के खिलाफ अदालत जाने के संकेत भी दिए हैं। प्रयागराज में वकीलों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि उनकी लीगल टीम नोटिस का अध्ययन कर रही है और आगे की रणनीति उसी के बाद तय होगी, जबकि इस्तीफा वापस लेने की किसी भी संभावना से उन्होंने साफ इनकार किया है।
UP: पेनड्राइव के सबूतों से बढ़ीं PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री की मुश्किलें
निलंबित PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री की परेशानियां और बढ़ गई हैं। जिला प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट के साथ कई वीडियो सबूत पेनड्राइव में भरकर शासन को भेज दिए हैं। अब इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर शासन स्तर से उनके खिलाफ आरोपपत्र जारी किया जाना है।
अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी को सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद उसी दिन उन्हें निलंबित कर दिया गया। बताया गया है कि इस्तीफा देने के बाद उन्होंने उसे सोशल मीडिया पर साझा किया और सरकार के खिलाफ खुलकर विरोध जताया। 27 जनवरी को कलक्ट्रेट में हुई नारेबाजी और प्रदर्शन की वीडियोग्राफी भी कराई गई थी, जिसे अब सबूत के रूप में भेजा गया है।
निलंबन के बाद अलंकार को शामली जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया था, लेकिन अब तक उन्होंने वहां अपनी हाजिरी नहीं लगाई है। इस बीच वह वाराणसी में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात करते भी देखे गए। उनका यह दौरा भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
अलंकार अग्निहोत्री ने व्हाट्सएप स्टेटस के जरिए समर्थकों से सात फरवरी को दिल्ली कूच की तैयारी करने को कहा है। उन्होंने लिखा, “# सत्ता परिवर्तन... दिल्ली कूच करो 7 फरवरी... एससी-एसटी एक्ट वापस करो और मोदी-शाह वापस जाओ...।” साथ ही उन्होंने निलंबन के खिलाफ अदालत जाने के संकेत दिए हैं और कहा है कि उनकी कानूनी टीम पूरे मामले का अध्ययन कर रही है।
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