हल्द्वानी में दूषित पेयजल बना आफत, सैकड़ों परिवार बीमार; स्वास्थ्य केंद्रों पर बढ़ा मरीजों का दबाव

हल्द्वानी | 22 जनवरी 2026


हल्द्वानी के राजपुरा, बनभूलपुरा और टनकपुर रोड क्षेत्रों में दूषित पानी की आपूर्ति लोगों के लिए गंभीर संकट बनती जा रही है। नलों से आ रहा मटमैला, बदबूदार और झागयुक्त पानी सैकड़ों परिवारों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। हालात यह हैं कि लगभग हर घर में कोई न कोई सदस्य बीमार है। डायरिया, टाइफाइड, उल्टी, बुखार और पेट से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों पर दबाव साफ नजर आ रहा है।


कई न्यूज एजेंसी की टीम ने बुधवार को प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि जल संस्थान से बार-बार शिकायत के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। राजपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल ऑफिसर एमएम तिवारी के अनुसार हर सप्ताह 15 से 20 मरीज पेट संबंधी समस्याओं के साथ पहुंच रहे हैं। वहीं बनभूलपुरा पीएचसी के डॉ. हिमेश उपाध्याय ने बताया कि सप्ताह में 45 से 50 मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें बच्चों की संख्या अधिक है। बेस अस्पताल के बाल रोग विभाग में भी हर सप्ताह 145 से 150 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।


स्थानीय लोगों का दर्द उनके शब्दों में साफ झलकता है। बनभूलपुरा निवासी जफर हुसैन ने कहा, “एक महीने से नलों में बेहद गंदा पानी आ रहा है। उबालकर पीने के बाद भी मेरा बेटा बीमार हो गया। जांच में टाइफाइड निकला। वजह दूषित पानी बताई गई।” वहीं फरा फरीद ने बताया, “ज्यादा मटमैला पानी आ रहा है। इसे पीने से पूरा परिवार बीमार रहता है। आधी से अधिक कमाई इलाज में खर्च हो जाती है।” राजपुरा के सद्धाम ने कहा, “दूषित पानी के कारण स्वास्थ्य केंद्रों में भीड़ रहती है। वार्ड के करीब 40 फीसदी लोग पेट और मलेरिया जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं।” विकास कुमार का कहना है, “शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई, मजबूरी में बाहर से पानी मंगाना पड़ा।”


वार्ड 24 बनभूलपुरा के पार्षद सलीम सैफी ने आरोप लगाया कि लाइन नंबर 16 गफूर बस्ती और किवदई नगर में लंबे समय से गंदे पानी की समस्या बनी हुई है, लेकिन समाधान नहीं हुआ। वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल ने जल संस्थान के ईई को पत्र भेजकर नालियों से होकर जाने वाले कनेक्शनों को हटाने के निर्देश दिए हैं। जल संस्थान के ईई आरएस लोशाली ने कहा, “राजपुरा और टनकपुर रोड के कुछ इलाकों में पाइप लाइनों की मरम्मत करवाई गई है, बाकी जगह भी शिकायत मिलने पर तुरंत ठीक कराया जाएगा।” वहीं सीएमओ डॉ. हरीश चंद्र पंत ने कहा, “पीने के पानी की जांच के लिए सैंपल लिए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाए जाएंगे।”

 हल्द्वानी में गंदा पानी बना बीमारी की जड़, सैकड़ों परिवार परेशान, अस्पतालों में बढ़ी भीड़


हल्द्वानी के राजपुरा, बनभूलपुरा और टनकपुर रोड इलाकों में दूषित पेयजल लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन गया है। नलों से मटमैला, बदबूदार और झागदार पानी आ रहा है, जिससे सैकड़ों परिवार बीमार पड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि लगभग हर घर में कोई न कोई सदस्य डायरिया, टाइफाइड, उल्टी या बुखार से जूझ रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।


स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े भी स्थिति की गंभीरता बयां कर रहे हैं। राजपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल ऑफिसर एमएम तिवारी के अनुसार हर सप्ताह 15 से 20 मरीज पेट से जुड़ी समस्याओं के साथ पहुंच रहे हैं। बनभूलपुरा पीएचसी के डॉ. हिमेश उपाध्याय ने बताया कि यहां सप्ताह में 45 से 50 ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें बच्चों की संख्या ज्यादा है। बेस अस्पताल के बाल रोग विभाग में भी हर सप्ताह करीब 145 से 150 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।


स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। बनभूलपुरा निवासी जफर हुसैन ने कहा, “एक महीने से नलों में बेहद गंदा पानी आ रहा है। उबालकर पीने के बाद भी मेरा बेटा बीमार हो गया। जांच में टाइफाइड निकला। वजह दूषित पानी बताई गई।” फरा फरीद ने बताया, “ज्यादा मटमैला पानी आ रहा है। इसे पीने से पूरा परिवार बीमार रहता है। आधी से अधिक कमाई तो इलाज में खर्च हो जाती है।” वहीं राजपुरा के सद्धाम ने कहा, “दूषित पानी के कारण स्वास्थ्य केंद्रों में भीड़ रहती है। मैं खुद एक हफ्ते बीमार रहा।”


जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी स्थिति पर चिंता जताई है। वार्ड 24 बनभूलपुरा के पार्षद सलीम सैफी ने कहा कि लाइन नंबर 16 गफूर बस्ती और किवदई नगर में लंबे समय से गंदे पानी की समस्या बनी हुई है। वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल ने जल संस्थान को नालियों से होकर जाने वाले कनेक्शन हटाने के निर्देश दिए हैं। जल संस्थान के ईई आरएस लोशाली के अनुसार, “राजपुरा और टनकपुर रोड के कुछ इलाकों में गंदे पानी की शिकायत मिलने पर पाइप लाइनों की मरम्मत करवा दी गई।” वहीं सीएमओ डॉ. हरीश चंद्र पंत ने कहा, “पीने के पानी की जांच कर करने के लिए टीम भेजकर सैंपल लिए जाएंगे।”


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