लेकिन क्या आपको पता हैं? मकर संक्रांति पर खिचड़ी ही क्यों खाई जाती है? अगर आप नहीम जानते हैं तो आपको बता दें, मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने से सूर्य और शनि ग्रह मजबूत होते हैं और आप करियर में सफलता पाते हैं। ऐसा माना जाता है कि सूर्य व शनि ग्रह अच्छे होने से आपको जीवन में समस्याएं नहीं आती हैं। यही कारण है कि, इस दिन खिचड़ी खाई जाती है।
आखिर क्यों Makar Sankranti के दिन खाई जाती है उड़द दाल की खिचड़ी ?
मकर संक्रांति (makar sankranti 2021) का पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। कोरोना के चलते इसकी रंगत थोड़ी फीकी जरूर पड़ी है, लेकिन घरों में बच्चे जहां पतंगबाजी कर रहे है, तो वहीं महिलाएं आज के दिन उड़द दाल की खिचड़ी बनाती हैं। इस दिन खिचड़ी खाने और दान करने का खास महत्व होता है। इसी कारण इस पर्व को कई जगहों पर खिचड़ी पर्व भी कहा जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हर त्योहार पर अधिकतर पक्का खाना बनाता है, जैसे-पूड़ी-सब्जी। लेकिन इस दिन ही क्यों खिचड़ी बनती है, जो अमूमन हम किसी और त्योहार पर नहीं खाते हैं? आइए आज आपको बताते हैं कि मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने का क्या महत्व है।
इस दिन से सूर्यदेव की यात्रा दक्षिणायन से उत्तरायण दिशा की ओर होने लगती है। दिन लंबे और राते छोटी होने आरंभ हो जाती है। आज सभी तरह के मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो गई है।मकर संक्रांति को लेकर एक मान्यता ये भी है कि, इस दिन तिल का दान करने से शनि दोष से मुक्ति मिल जाती है और नहाने के बाद सूर्य को जल अर्पित करने से सूर्यदेव की कृपा प्राप्त होती है।सभी एक दूसरे को साल के पहले बेहद महत्वपूर्ण पर्व की शुभकामनाएं दे रहे हैं। यह त्योहार सूर्य देव को समर्पित होता है और इस दिन लोग सुबह जल्दी स्नान करके उनकी पूजा करते हैं। तांबे के लोटे में जल, फूल, तिल, हल्दी-चंदन मिलाकर सूर्य देव को अर्पित किया जाता है।
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