Supreme Court Seeks Accountability in Lucknow Coaching Centre Fire Case
81वीं बरसी पर हिरोशिमा ने दोहराया शांति और परमाणु निरस्त्रीकरण का संदेश
नई दिल्ली, 05 अगस्त 2026
वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और परमाणु हथियारों से जुड़े जोखिमों के बीच जापान के हिरोशिमा शहर ने गुरुवार को अमेरिकी परमाणु बम हमले की 81वीं बरसी पर उन लाखों लोगों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने इस त्रासदी का दंश झेला। पीस मेमोरियल पार्क में आयोजित वार्षिक स्मृति समारोह के दौरान विश्व शांति, परमाणु निरस्त्रीकरण और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।
समारोह में हिरोशिमा के मेयर काजुमी मात्सुई ने अपना ‘पीस डिक्लेरेशन’ पढ़ते हुए परमाणु हथियारों के विनाशकारी परिणामों को याद किया और बहुपक्षीय सहयोग के माध्यम से इनके प्रसार पर रोक लगाने तथा पूर्ण उन्मूलन की अपील की। उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों की अमानवीयता को नजरअंदाज करना और समृद्धि के लिए बल प्रयोग को स्वीकार करना हिंसा के ऐसे दुष्चक्र को जन्म दे सकता है, जिसका अंत फिर किसी हिरोशिमा या नागासाकी जैसी त्रासदी में हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि परमाणु बम हमले के जीवित बचे लोगों की संख्या लगातार कम हो रही है, इसलिए नई पीढ़ी को आगे बढ़कर परमाणु हथियारों के उन्मूलन के लिए व्यापक जनसमर्थन तैयार करना होगा।
स्थानीय समयानुसार सुबह 8:15 बजे पूरे समारोह में दो मिनट का मौन रखा गया। इसी समय 6 अगस्त 1945 को अमेरिकी बमवर्षक विमान द्वारा गिराया गया परमाणु बम हिरोशिमा पर फटा था, जिसमें वर्ष 1945 के अंत तक लगभग 1.40 लाख लोगों की जान चली गई थी। इसके तीन दिन बाद नागासाकी पर दूसरा परमाणु बम गिराया गया। परमाणु हमलों का अनुभव करने वाला दुनिया का एकमात्र देश होने के कारण जापान लंबे समय से ‘तीन गैर-परमाणु सिद्धांतों’ का पालन करता रहा है, जिनके तहत देश परमाणु हथियारों को न रखने, न बनाने और न ही अपने क्षेत्र में उनकी तैनाती की अनुमति देने की नीति अपनाता है।
हालांकि हाल के वर्षों में इन सिद्धांतों में बदलाव को लेकर बहस तेज हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री साने ताकाइची की सरकार जापान में परमाणु हथियारों की तैनाती पर रोक वाले प्रावधान में संशोधन की संभावना पर विचार कर रही है, जिसे लेकर विभिन्न वर्गों में चिंता व्यक्त की गई है। स्थानीय समाचार पत्र टोक्यो शिंबुन के मुताबिक, पिछले वर्ष अक्टूबर में ताकाइची के पद संभालने के बाद से जापान के 36 प्रांतों की 128 स्थानीय विधानसभाओं ने संसद को प्रस्ताव भेजकर सरकार से तीनों गैर-परमाणु सिद्धांतों को यथावत बनाए रखने की अपील की है। यह दर्शाता है कि हिरोशिमा और नागासाकी की स्मृतियां आज भी जापानी समाज में शांति और परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग को मजबूती प्रदान कर रही हैं।
Add Comment