दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने किया आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश, 7 गिरफ्तार
देश की राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर क्षेत्र को दहलाने की एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश को सुरक्षा बलों ने समय रहते नाकाम कर दिया है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और ईस्टर्न रेंज की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान समर्थित एक बहुत बड़े आतंकी और आपराधिक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है. इस पूरे नेटवर्क के तार सीधे पड़ोसी देश पाकिस्तान से जुड़े हुए थे, जहां बैठकर भारत के खिलाफ हमलों की पूरी रूपरेखा तैयार की जा रही थी. पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस खतरनाक गिरोह के सात मुख्य सदस्यों को दबोच लिया है, जिससे देश की राजधानी में होने वाले कई संभावित और बड़े हमलों को समय रहते रोक दिया गया है.
इस पकड़े गए अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल का संचालन कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि पाकिस्तान में छिपे बैठे गैंगस्टर से आतंकवादी बने शाहजाद भट्टी और उसके बेहद करीबी सहयोगी अजमल गुज्जर द्वारा किया जा रहा था. यह दोनों आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के संरक्षण में रहकर भारत के खिलाफ लगातार साजिशें रच रहे थे. वहां बैठकर वे भारतीय सीमा के भीतर हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी को अंजाम दे रहे थे. इस नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य दिल्ली और एनसीआर के संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाना था.
इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में स्पेशल सेल की टीम के इंस्पेक्टर राहुल कुमार, विनीत कुमार तेवतिया और अजीत कुमार ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है. इन अधिकारियों ने एसीपी कैलाश सिंह बिष्ट के मार्गदर्शन में इस पूरे संदिग्ध नेटवर्क पर बहुत लंबे समय से कड़ी नजर रखी हुई थी. मई दो हजार छब्बीस के मध्य में पुलिस को कुछ पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई शुरू की गई. टीम ने सबसे पहले गाजियाबाद के लोनी इलाके के रहने वाले मोहित नाम के एक युवक को यमुना विहार के पास से गिरफ्तार किया. पुलिस को मोहित के पास से एक अवैध पिस्तौल और कुछ बेहद संदिग्ध मोबाइल चैट्स मिले, जिससे इस पूरे खतरनाक नेटवर्क की कड़ियां खुलती चली गईं.
पुलिस ने इस मामले में गहराई से छानबीन करते हुए कुल सात प्रमुख आरोपियों को अलग-अलग जगहों से दबोच लिया है. पकड़े गए आरोपियों में अनास त्यागी शामिल है, जो गाजियाबाद के अशोक विहार का रहने वाला है और शाहजाद भट्टी व अजमल गुज्जर से सैकड़ों बार बातचीत कर चुका था. दूसरा आरोपी मोहित योगी है, जो अजमल गुज्जर से हजारों बार संपर्क में था. इनके अलावा दीपक अग्रोला को भी पकड़ा गया है, जिस पर पहले से ही तेईस आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह जेल के अंदर से ही इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था. पुलिस ने इनके साथ आरिफ, करणवीर सिंह, जतन और साबिर को भी गिरफ्तार किया है, जो हथियार और ड्रग्स की तस्करी में पूरी तरह शामिल थे.
सुरक्षा बलों ने इन पकड़े गए अपराधियों के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और अन्य सामग्री बरामद की है. पुलिस को इनके पास से पांच अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौलें और एकतालीस जिंदा कारतूस मिले हैं. इसके साथ ही सात मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनमें पाकिस्तान में बैठे आकाओं के कई वॉयस नोट्स और चैट मौजूद हैं. पुलिस ने इनके पास से एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी बरामद की है, जिसका इस्तेमाल ये लोग रेकी करने के लिए करते थे. जांच में ड्रग्स और हथियारों की कमाई के लेन-देन से जुड़े कई बैंक खातों का विवरण भी सामने आया है.
पाकिस्तान में बैठे शाहजाद भट्टी और अजमल गुज्जर सोशल मीडिया के जरिए भारत के भोले-भाले युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे. वे इन युवाओं को पैसे, आधुनिक हथियार और एक आलीशान आपराधिक जीवनशैली का लालच देकर देश के खिलाफ काम करने के लिए तैयार करते थे. यह मॉड्यूल पंजाब की सीमा के रास्ते ड्रोन का इस्तेमाल करके हथियार, गोला-बारूद और हेरोइन जैसी नशीली दवाएं दिल्ली तक पहुंचाता था. पैसे के लेन-देन के लिए ये लोग यूपीआई स्कैनर, हवाला और दुबई में स्थित बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे ताकि पकड़े न जा सकें.
पूछताछ में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इन आरोपियों को दिल्ली-एनसीआर के बड़े सार्वजनिक स्थानों, खानपान केंद्रों और बेहद संवेदनशील जगहों की रेकी करने के सख्त निर्देश दिए गए थे. इनका असली मकसद इन जगहों पर हमले करके देश का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना और चारों तरफ दहशत का माहौल पैदा करना था.
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