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Wednesday, 15 April 2026

अंडमान सागर में भीषण हादसा : प्रवासियों से भरी नाव डूबी, 250 रोहिंग्या और बांग्लादेशी लापता

नई दिल्ली/ढाका। हिंद महासागर के अंडमान सागर क्षेत्र में एक बड़ा समुद्री हादसा सामने आया है। संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी और प्रवासन एजेंसियों (UNHCR & IOM) के अनुसार, बांग्लादेश से मलेशिया जा रही प्रवासियों से भरी एक नाव समुद्र में पलट गई है। इस दुर्घटना के बाद बच्चों सहित लगभग 250 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनके बचने की उम्मीद कम होती जा रही है। खराब मौसम और ओवरलोडिंग बनी वजह अधिकारियों के अनुसार, यह एक मछली पकड़ने वाली नाव (ट्रॉलर) थी, जिसमें क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया गया था। तेज हवाओं और समुद्र की ऊंची लहरों के कारण संतुलन बिगड़ने से नाव डूब गई। बांग्लादेश कोस्ट गार्ड ने बताया कि 9 अप्रैल को एक बचाव अभियान के दौरान नाव से केवल नौ लोगों को सुरक्षित निकाला जा सका है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नाव वास्तव में किस दिन और किस समय डूबी।

नौकरी का लालच और मजबूरी का सफर

हादसे में जीवित बचे 40 वर्षीय रफीकुल इस्लाम ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्हें मलेशिया में अच्छी नौकरी का झांसा देकर इस यात्रा के लिए तैयार किया गया था। रफीकुल के अनुसार, "बचाए जाने से पहले हमें करीब 36 घंटे तक समुद्र में तैरना पड़ा। नाव से गिरे तेल के कारण शरीर कई जगह से झुलस गया है।"

रोहिंग्या शरणार्थियों का संकट

म्यांमार के अल्पसंख्यक रोहिंग्या समुदाय के लोग 2017 की हिंसा के बाद बड़ी संख्या में बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं। वहां की दयनीय स्थिति और भविष्य की अनिश्चितता के कारण ये लोग अक्सर मानव तस्करों के चंगुल में फंसकर समुद्र के रास्ते मलेशिया पहुंचने की जोखिम भरी कोशिश करते हैं। म्यांमार में नागरिकता न मिलने और बांग्लादेश में सीमित संसाधनों के कारण यह समुदाय लंबे समय से पलायन की मार झेल रहा है।

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए समुद्री रास्तों पर निगरानी और सुरक्षा बढ़ाने की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसे त्रासद हादसों को रोका जा सके।

स्रोत : न्यूज एजेंसी

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