अगले 25 साल भारत के लिए आसान नहीं होंगे: अशांत पड़ोस और नए युद्ध खतरों पर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह की चेतावनी
जयपुर | 13 जनवरी 2026
भारत की सुरक्षा चुनौतियों को लेकर सेना की शीर्ष कमान ने आने वाले वर्षों के लिए स्पष्ट संदेश दिया है। सेना की दक्षिण-पश्चिम कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा है कि भारत की अगले 25 वर्षों की यात्रा शांतिपूर्ण नहीं होगी। वैश्विक अस्थिरता, बदलती विश्व व्यवस्था और अशांत पड़ोस के चलते देश को कई स्तरों पर सुरक्षा खतरों का सामना करना पड़ सकता है।
रक्षा मंत्रालय के पॉडकास्ट ‘रक्षा सूत्र’ में बातचीत के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने बताया कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है, जब दुनिया के 52 देश किसी न किसी संघर्ष में उलझे हुए हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता का सीधा असर भारत की सुरक्षा पर पड़ता है, खासकर तब जब पड़ोसी देशों के हालात भी लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले खतरे केवल पारंपरिक युद्ध तक सीमित नहीं रहेंगे। हाइब्रिड वॉर, साइबर हमले और तकनीकी मोर्चों पर नई चुनौतियां उभरेंगी। 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मजबूत राष्ट्रीय सुरक्षा अनिवार्य है, और इसी को ध्यान में रखते हुए सेना अपनी रणनीति में बड़े बदलाव कर रही है।
लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने बताया कि सेना के प्रशिक्षण और तैयारियों में भी व्यापक परिवर्तन किए गए हैं। अब 70 प्रतिशत प्रशिक्षण रात के समय कराया जा रहा है, क्योंकि हालिया अभियानों के अनुभव से पता चला है कि अधिकतर खतरे अंधेरे में सामने आते हैं। लॉजिस्टिक्स को अंडरग्राउंड किया जा रहा है, मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस के लिए तकनीक और प्रक्रियाएं बदली जा रही हैं, और आपात खरीद के तहत नए सैन्य उपकरण शामिल किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सेना का फोकस युद्ध के बदलते स्वरूप को समझते हुए खुद को हर स्थिति के लिए तैयार रखना है—चाहे शांतिकाल हो, युद्ध जैसी परिस्थिति या पूर्ण युद्ध। इस बीच, 15 जनवरी को होने वाला 78वां सेना दिवस समारोह जयपुर में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा, जिसमें लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
अगले 25 साल भारत के लिए आसान नहीं: लेफ्टिनेंट जनरल सिंह की चेतावनी
भारत की सुरक्षा चुनौतियों को लेकर सेना की शीर्ष कमान ने चेतावनी दी है। दक्षिण-पश्चिम कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा कि अगले 25 साल भारत के लिए शांतिपूर्ण नहीं रहेंगे। वैश्विक अस्थिरता और अशांत पड़ोसी देशों के बीच भारत को हर स्तर पर तैयार रहना होगा।
लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने बताया कि आने वाले खतरे पारंपरिक युद्ध तक सीमित नहीं होंगे। हाइब्रिड और साइबर युद्ध, तकनीकी मोर्चों पर नई चुनौतियां और अप्रत्याशित हमले हो सकते हैं। 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तभी हासिल होगा जब देश की सुरक्षा मजबूत बनी रहे।
सेना ने अपनी तैयारियों और रणनीतियों में बड़े बदलाव किए हैं। प्रशिक्षण का 70% हिस्सा अब रात में कराया जा रहा है, लॉजिस्टिक्स अंडरग्राउंड किए जा रहे हैं और मल्टी-डोमेन ऑपरेशन के लिए नई तकनीक व उपकरण शामिल किए जा रहे हैं। उद्देश्य है कि हर स्थिति में सेना विजयी लौटे।
इस साल 78वां सेना दिवस समारोह 15 जनवरी को जयपुर के जगतपुरा महल रोड पर भव्य रूप से आयोजित होगा। चार दिन तक चलने वाले कार्यक्रमों में 108 स्कूलों और 200 कॉलेजों तक सेना का संदेश पहुंच चुका है, जबकि पांच से छह लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
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