हाईकोर्ट से अंतरिम राहत के बाद हरिद्वार लौटे पूर्व विधायक सुरेश राठौर, कांग्रेस पर लगाए आरोप हरिद्वार

हरिद्वार | 9 जनवरी 2026


बहादराबाद थाने में दर्ज मामले में हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद पूर्व विधायक सुरेश राठौर गुरुवार को हरिद्वार वापस लौट आए। ज्वालापुर स्थित अपने आवास पर पहुंचने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और सच्चाई सामने आने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।


राठौर ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें पूरी तरह न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वह भगवा वस्त्र धारण नहीं करेंगे। उन्होंने इसे अपनी निजी आस्था और संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि यह उनका आत्मिक निर्णय है। अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश का माहौल जानबूझकर खराब किया गया है।


पूर्व विधायक ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अंकिता के नाम पर राजनीति की जा रही है और जनभावनाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि एक सोची-समझी साजिश के तहत न केवल उन्हें, बल्कि उनके साथियों को भी मामले में फंसाने की कोशिश की गई, साथ ही रविदास पीठ की छवि धूमिल करने का प्रयास हुआ।


वायरल ऑडियो को लेकर राठौर ने सवाल उठाए और कहा कि आज के दौर में एआई तकनीक के जरिए किसी की भी आवाज तैयार की जा सकती है। उन्होंने मांग की कि ऑडियो की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। गौरतलब है कि 27 दिसंबर को मामला दर्ज होने के बाद राठौर करीब 11 दिनों तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए थे।

हाईकोर्ट से राहत के बाद हरिद्वार पहुंचे पूर्व विधायक सुरेश राठौर, कांग्रेस पर साधा निशाना


हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद पूर्व विधायक सुरेश राठौर गुरुवार को हरिद्वार लौट आए। ज्वालापुर स्थित अपने आवास पर पहुंचकर उन्होंने मीडिया से बातचीत की और कहा कि वह पूरी तरह निर्दोष हैं तथा न्याय मिलने तक उनकी कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।


राठौर ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, वह भगवा वस्त्र धारण नहीं करेंगे। उन्होंने इसे अपनी निजी आस्था और संकल्प से जुड़ा निर्णय बताते हुए कहा कि सच्चाई सामने आने तक वह इस फैसले पर अडिग रहेंगे।


अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर पूर्व विधायक ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मामले के जरिए राजनीति कर रही है और जानबूझकर प्रदेश का माहौल खराब किया जा रहा है। राठौर के अनुसार, कुछ लोगों ने सोची-समझी रणनीति के तहत पूरे प्रकरण को गलत दिशा देने की कोशिश की।


उन्होंने दावा किया कि उनके साथियों को भी जानबूझकर मामले में फंसाने का प्रयास किया गया, जिससे सामाजिक और धार्मिक संस्थानों की छवि को नुकसान पहुंचे। राठौर ने कहा कि उन्होंने कभी किसी के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया और न ही किसी का अपमान किया है।


वायरल ऑडियो को लेकर उन्होंने कहा कि तकनीक के इस दौर में एआई के माध्यम से आवाज की नकल करना संभव है, इसलिए मामले की निष्पक्ष और तकनीकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच के बाद सच्चाई खुद सामने आ जाएगी।

Read Previous

Samsung goes big in India factory ever created

Read Next

Samsung goes big in India factory ever created

Add Comment

Sign up for the Newsletter

Join our newsletter and get updates in your inbox. We won’t spam you and we respect your privacy.