Kartik Aaryan, Mammootty Share Top Acting Honour at 72nd National Film Awards
विक्रम-1 की ऐतिहासिक सफलता: पीएम मोदी ने स्काईरूट टीम को दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापकों, पवन कुमार चंदना और नागा भरत डाका से फोन पर बात की और उन्हें विक्रम-1 रॉकेट की सफल लॉन्चिंग पर हार्दिक बधाई दी। प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि को एक ऐतिहासिक क्षण करार दिया जो देश की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को नई मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने टीम से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि यह सफलता तो अभी केवल एक शुरुआत है और भारत को इस क्षेत्र में अभी एक लंबा सफर तय करना है।
भारतीय अंतरिक्ष इतिहास का नया अध्याय
शनिवार, 18 जुलाई को भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित विक्रम-1 रॉकेट ने श्रीहरिकोटा के पहले लॉन्च पैड से सुबह करीब 11:30 बजे सफलतापूर्वक उड़ान भरी। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के तुरंत बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस की पूरी टीम को फोन कर उनकी सराहना की। उन्होंने इसे देश के बढ़ते स्पेस सेक्टर की एक बहुत बड़ी सफलता के रूप में रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने संस्थापक पवन चंदना, नागा भरत डाका और उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह भारत की अंतरिक्ष यात्रा का एक नया पड़ाव है। उन्होंने टीम के उत्साह को बढ़ाते हुए कहा कि यह सफलता एक बड़े सफर का आगाज है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने ‘टीम विक्रम-1’ को व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने के लिए भी आमंत्रित किया है, ताकि इस उपलब्धि पर विस्तार से चर्चा की जा सके।
युवाओं की जीत और निजी क्षेत्र का उदय
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह मिशन भारत के युवाओं के लिए एक बड़ी जीत है और " पीएम मोदी के अनुसार, यह मिशन देश के युवाओं को बड़े सपने देखने और विज्ञान एवं अंतरिक्ष के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने साझा किया कि उन्होंने आज का पूरा लॉन्च कार्यक्रम देखा और उन्हें यह देखकर बेहद खुशी हुई कि पूरी टीम काफी युवा है। उन्होंने इस युवा शक्ति को ही भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया।
निजी क्षेत्र की भागीदारी पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब केंद्र सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने का साहसिक निर्णय लिया था, तब कई हलकों में इस पर सवाल उठाए गए थे। लेकिन विक्रम-1 की शानदार सफलता ने यह साबित कर दिया है कि वह फैसला पूरी तरह सही था। अब भारत का निजी स्पेस सेक्टर भी दुनिया भर में अपनी एक मजबूत और विशिष्ट पहचान बना रहा है। इस प्रक्षेपण को 'मिशन आगमन' के नाम से संचालित किया गया, जो निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर है।
अंतरिक्ष में पीएम का संदेश और तकनीकी उद्देश्य
विक्रम-1 रॉकेट अपने साथ कुछ विशेष पेलोड भी लेकर गया है। इसमें एक सूक्ष्म कलाकृति वाला पेलोड और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने हाथों से लिखा गया 'वंदे मातरम' संदेश वाला एक पोस्टकार्ड शामिल है। इसके अलावा, मिशन में शामिल इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के हस्तलिखित पोस्टकार्ड भी अंतरिक्ष में भेजे गए हैं।
Add Comment