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होर्मुज स्ट्रेट अभी भी खुला है और उस पर ईरान का नियंत्रण बना हुआ है"आईआरजीएस कमांडर
ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया है कि दुनिया में तेल ले जाने का एक बहुत महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता होर्मुज स्ट्रेट अभी भी खुला है और उस पर ईरान का नियंत्रण बना हुआ है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के साथ तनाव बढ़ रहा है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना के कमांडर अलीरेज़ा तंगसीरी ने एक बयान में कहा कि अमेरिका द्वारा किए जा रहे दावे सही नहीं हैं। अमेरिका कह रहा है कि उसने ईरान की नौसेना को नष्ट कर दिया है और तेल के जहाजों को सुरक्षित रास्ता दे सकता है, लेकिन तंगसीरी के अनुसार ये बातें गलत हैं। चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी के हवाले से यह जानकारी दी है। बयान में कहा गया कि होर्मुज स्ट्रेट को सैन्य रूप से बंद नहीं किया गया है, बल्कि यह सिर्फ ईरान के नियंत्रण में है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी इसी बात को दोहराया। उन्होंने अमेरिकी मीडिया से कहा कि यह समुद्री रास्ता अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला है, लेकिन अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों के जहाजों के लिए नहीं।
अराघची ने कहा, “हॉर्मुज स्ट्रेट खुला है। यह केवल हमारे दुश्मनों के जहाजों और टैंकरों के लिए बंद है, उन देशों के लिए जो हम पर हमला कर रहे हैं और उनके सहयोगियों के लिए। बाकी सभी जहाज यहां से गुजर सकते हैं।”
होर्मुज स्ट्रेट एक बहुत महत्वपूर्ण रणनीतिक समुद्री मार्ग है। दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले संदेश में कहा है कि ईरान इस स्ट्रेट पर अपना प्रभाव बनाए रखेगा।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को उन देशों से अपील की है जो इस रास्ते से तेल मंगाते हैं। उन्होंने कहा कि इन देशों को इस समुद्री मार्ग को खुला रखने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए और अमेरिका उनकी मदद करेगा।
अमेरिका इस समय तेल की बढ़ती कीमतों को कम करने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमले किए थे, जिसके बाद ईरान ने भी पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है।
सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में ट्रंप ने कहा कि जिन देशों पर इस समुद्री रास्ते में रुकावट पड़ने का असर हो सकता है, उन्हें अमेरिकी सेना के साथ मिलकर इसकी सुरक्षा करनी चाहिए।
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