आयकर छापे में बसपा विधायक के कारोबारी नेटवर्क की परतें खुलीं, खनन और सड़क ठेकों पर जांच तेज
लखनऊ | 27 फरवरी 2026
लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह से जुड़े ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई के दौरान उनके कारोबारी नेटवर्क से जुड़ी कई अहम जानकारियाँ सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बीते दो वर्षों में विधायक और उनसे जुड़े लोगों की कंपनियों के कारोबार में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है। खासतौर पर सड़क निर्माण और खनन से जुड़े सरकारी ठेकों में उनकी सक्रिय भूमिका के संकेत मिले हैं।
आयकर छापे के दौरान विभिन्न ठिकानों से कागजात, डायरियाँ, हस्तलिखित नोट्स और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई है। अधिकारियों के अनुसार, ये दस्तावेज बेहिसाब लेनदेन और संभावित वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं। विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि खनन से जुड़े कितने पट्टे संबंधित कंपनियों के पास थे और जमीनी स्तर पर वास्तविक खनन कार्य कितना हुआ।
इस कार्रवाई को बीते वर्ष सामने आई सीएजी रिपोर्ट से भी जोड़कर देखा जा रहा है। रिपोर्ट में उमाशंकर सिंह से जुड़ी कंपनियों पर अवैध खनन के कारण लगभग 60 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया गया था। माना जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर आयकर विभाग ने विस्तृत जांच शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक, अन्य ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई शुक्रवार तक जारी रह सकती है।
वहीं, आयकर विभाग की इस कार्रवाई पर विधायक के बेटे प्रिंस युकेश सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "हमारे गोमतीनगर स्थित आवास और ऑफिस पर आयकर विभाग ने जांच की है। मेरे पिता और पूरा परिवार आयकर अधिकारियों का सहयोग कर रहा है। अधिकारी भी हमारे साथ सहयोग कर रहे हैं। मेरे पिता स्वस्थ हैं। अपनी दवाओं और आराम का ध्यान रखते हुए वह भी आयकर विभाग के अधिकारियों का सहयोग कर रहे आयकर छापे में बसपा विधायक के कारोबारी नेटवर्क की परतें खुलीं, खनन और सड़क ठेकों पर जांच तेज
लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह से जुड़े ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई के दौरान उनके कारोबारी नेटवर्क से जुड़ी कई अहम जानकारियाँ सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बीते दो वर्षों में विधायक और उनसे जुड़े लोगों की कंपनियों के कारोबार में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है। खासतौर पर सड़क निर्माण और खनन से जुड़े सरकारी ठेकों में उनकी सक्रिय भूमिका के संकेत मिले हैं।
आयकर छापे के दौरान विभिन्न ठिकानों से कागजात, डायरियाँ, हस्तलिखित नोट्स और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई है। अधिकारियों के अनुसार, ये दस्तावेज बेहिसाब लेनदेन और संभावित वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं। विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि खनन से जुड़े कितने पट्टे संबंधित कंपनियों के पास थे और जमीनी स्तर पर वास्तविक खनन कार्य कितना हुआ।
इस कार्रवाई को बीते वर्ष सामने आई सीएजी रिपोर्ट से भी जोड़कर देखा जा रहा है। रिपोर्ट में उमाशंकर सिंह से जुड़ी कंपनियों पर अवैध खनन के कारण लगभग 60 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया गया था। माना जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर आयकर विभाग ने विस्तृत जांच शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक, अन्य ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई शुक्रवार तक जारी रह सकती है।
वहीं, आयकर विभाग की इस कार्रवाई पर विधायक के बेटे प्रिंस युकेश सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "हमारे गोमतीनगर स्थित आवास और ऑफिस पर आयकर विभाग ने जांच की है। मेरे पिता और पूरा परिवार आयकर अधिकारियों का सहयोग कर रहा है। अधिकारी भी हमारे साथ सहयोग कर रहे हैं। मेरे पिता स्वस्थ हैं। अपनी दवाओं और आराम का ध्यान रखते हुए वह भी आयकर विभाग के अधिकारियों का सहयोग कर रहे हैं।"
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