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यूपी में माध्यमिक शिक्षकों को राहत, छुट्टी के दिन ‘जबरन’ नहीं बुलाए जा सकेंगे स्कूल
लखनऊ | 04 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षकों के लिए शासन ने एक अहम फैसला लिया है। अब शिक्षकों को अवकाश के दिनों में स्कूल बुलाने की मनमानी पर रोक लगेगी। लंबे समय से यह शिकायत सामने आ रही थी कि छुट्टी के बावजूद शिक्षकों को काम के लिए बुला लिया जाता है। इसे देखते हुए शासन ने इस पर सख्त रुख अपनाने का फैसला किया है और जल्द ही इसके लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएंगे।
दरअसल, प्रदेश के कई जिलों में जिला विद्यालय निरीक्षक यानी डीआईओएस द्वारा छुट्टियों में भी शिक्षकों को विद्यालय बुला लिया जाता था। माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से पहले भी इस पर रोक लगाने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन उनका सही तरीके से पालन नहीं हो पा रहा था। इस लापरवाही को लेकर शिक्षकों ने शासन स्तर तक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद अब कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
पिछले दिनों कड़ाके की ठंड के चलते माध्यमिक विद्यालयों में छुट्टी घोषित की गई थी, लेकिन इसके बावजूद कुछ जिलों में शिक्षकों को बुलाया गया। कई मामलों में तो विद्यालय खुलने के समय के बाद सूचना देकर शिक्षकों को स्कूल आने के लिए कहा गया। इस स्थिति से नाराज शिक्षक संगठनों ने उच्च अधिकारियों और निदेशालय को इसकी जानकारी दी और नियमों के उल्लंघन की ओर ध्यान दिलाया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने संबंधित डीआईओएस को पत्र भेजकर नाराजगी जताई है। साथ ही यह भी साफ किया गया है कि आगे से छुट्टी के दिन किसी भी शिक्षक को ड्यूटी पर बुलाने से पहले संयुक्त शिक्षा निदेशक की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। वहीं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) के प्रदेश महामंत्री राजीव यादव ने मांग की है कि यदि शिक्षकों से छुट्टियों में काम लिया जाता है, तो उन्हें उसके बदले प्रतिकर अवकाश जरूर दिया जाए।
यूपी के शिक्षकों को बड़ी राहत, अब छुट्टी में ‘जबरन’ नहीं बुलाए जाएंगे स्कूल
उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षकों के लिए शासन ने राहत भरा फैसला लिया है। अब अवकाश के दिनों में शिक्षकों को स्कूल बुलाने की पुरानी परंपरा पर रोक लगेगी। लंबे समय से शिक्षक इस बात से परेशान थे कि छुट्टी होने के बावजूद उन्हें काम के लिए बुला लिया जाता था। शासन ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए साफ निर्देश जारी करने का फैसला किया है।
प्रदेश के कई जिलों में यह देखा गया था कि जिला विद्यालय निरीक्षक यानी डीआईओएस छुट्टियों में भी शिक्षकों को बुला लेते थे। पहले भी माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से इस पर रोक के आदेश दिए गए थे, लेकिन उनका सही से पालन नहीं हो पा रहा था। इसी वजह से शिक्षकों ने शासन और उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी।
कड़ाके की ठंड के दौरान जब माध्यमिक विद्यालयों में छुट्टी घोषित की गई थी, तब भी कुछ जिलों में शिक्षकों को स्कूल बुलाया गया। कई जगह तो विद्यालय का समय निकलने के बाद सूचना दी गई। इस तरह की घटनाओं से नाराज शिक्षक संगठनों ने निदेशालय तक अपनी बात पहुंचाई और कार्रवाई की मांग की।
अब माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने संबंधित डीआईओएस को पत्र भेजकर नाराजगी जताई है। तय किया गया है कि आगे से छुट्टी के दिन किसी भी शिक्षक को ड्यूटी पर बुलाने से पहले संयुक्त शिक्षा निदेशक की अनुमति लेना जरूरी होगा। वहीं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) के प्रदेश महामंत्री राजीव यादव ने कहा है कि अगर छुट्टी में काम लिया जाता है तो उसके बदले प्रतिकर अवकाश मिलना चाहिए।
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