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73 वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने देश को दी ये सौगात

प्रधानमंत्री मोदी ने गुरूवार को 2022 तक देश को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाने और लोगों के जीवन-स्तर में सुधार के इरादे से आधुनिक सुविधाओं वाले वेलनेस सेंटर के साथ स्वास्थ्य केंद्र बनाने, हर तीन लोकसभा के बीच चिकित्सा कॉलेज बनाने का लक्ष्य तय किया. इसके अलावा पीएम मोदी ने दो करोड़ से अधिक गरीब और बेघर परिवारों के लिए मकान बनाने जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्य भी तय किए.
मोदी ने कहा कि अनुच्छेद 370 रद्द होने के बाद अब कश्मीर के लोग सीधे केंद्र से संपर्क कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि जिस गति के साथ अनुच्छेद 370 को रद्द करने का कानून दोनों सदनों में पारित हुआ, इसने यह दर्शाया कि हर कोई इसे रद्द होते हुए देखना चाहता था, बस किसी को आगे बढ़कर इस संबंध में कदम उठाने की जरूरत थी. पीएम मोदी ने छठी बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया.
मोदी ने कहा, ‘‘आने वाले दिनों में गांवों में डेढ़ लाख वेलनेस सेंटर और स्वास्थ्य केंद्र, हर तीन लोकसभा के बीच एक मेडिकल कॉलेज, दो करोड़ से अधिक गरीब लोगों के लिए घर बनाने हैं. साथ ही हमें 15 करोड़ घरों में पीने का पानी पहुंचाना है.’’

अन्य लक्ष्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘सवा लाख किलोमीटर ग्रामीण सड़के बनानी हैं. हर गांव को ब्राडबैंड कनेक्टिविटी, आप्टकिल फाइबर नेटवर्क से जोड़ना है, 50 हजार से ज्यादा नये स्टार्टअप का जाल बिछाना है. इसके लिये आजादी के 75 साल बहुत बड़ी प्रेरणा है.’’ वर्ष 2022 में देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाएगा. मोदी ने कहा, ‘‘हमें सभी की भागीदारी के साथ देश को आगे बढ़ाना है. हमें देश में बदलाव लाना है.’’
लोगों के जीवन को सरल बनाने पर जोर देते हुए उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हमें ऐसा परिवेश बनाना होगा जिसमें रोजमर्रा की जिंदगी में सरकारों का सामान्य नागरिक के जीवन में दखल कम हो और लोगों के लिये अपनी जिंदगी के निर्णय करने और आगे बढ़ने के लिये सारे रास्ते खुले हों. उन पर सरकार का दबाव नहीं हो लेकिन मुसीबत के समय सरकार का अभाव भी नहीं दिखे.’’

अटल बिहारी वाजपेयी के सभी स्वतंत्रता दिवस भाषणों में ‘विकास’ शब्द पर सबसे ज्यादा जोर रहा.

मोदी ने कहा, ‘‘आने वाले दिनों में गांवों में डेढ़ लाख वेलनेस सेंटर और स्वास्थ्य केंद्र, हर तीन लोकसभा के बीच एक मेडिकल कॉलेज, दो करोड़ से अधिक गरीब लोगों के लिए घर बनाने हैं। साथ ही हमें 15 करोड़ घरों में पीने का पानी पहुंचाना है.’’

अन्य लक्ष्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘सवा लाख किलोमीटर ग्रामीण सड़के बनानी हैं. हर गांव को ब्राडबैंड कनेक्टिविटी, आप्टकिल फाइबर नेटवर्क से जोड़ना है, 50 हजार से ज्यादा नये स्टार्टअप का जाल बिछाना है. इसके लिये आजादी के 75 साल बहुत बड़ी प्रेरणा है.’’ वर्ष 2022 में देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाएगा. मोदी ने कहा, ‘‘हमें सभी की भागीदारी के साथ देश को आगे बढ़ाना है. हमें देश में बदलाव लाना है.’’
लोगों के जीवन को सरल बनाने पर जोर देते हुए उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हमें ऐसा परिवेश बनाना होगा जिसमें रोजमर्रा की जिंदगी में सरकारों का सामान्य नागरिक के जीवन में दखल कम हो और लोगों के लिये अपनी जिंदगी के निर्णय करने और आगे बढ़ने के लिये सारे रास्ते खुले हों. उन पर सरकार का दबाव नहीं हो लेकिन मुसीबत के समय सरकार का अभाव भी नहीं दिखे.’’

Image result for PM ने आज अपने भाषण में जल के संरक्षण पर दिया जोर

अटल बिहारी वाजपेयी के सभी स्वतंत्रता दिवस भाषणों में ‘विकास’ शब्द पर सबसे ज्यादा जोर रहा.

अपने भाषण में पीएम मोदी ने पेयजल की समस्या और उसके निदान बातें मुख्य रूप से किया जिसमें जल जीवन मिशन की नई योजनावों के बारे में बताया.

जानें क्या है ये मिशन जिसमें साढ़े तीन लाख करोड़ की लागत लगेगी.

पेय जल की समस्या
पीएम मोदी ने पीने वाले पानी की समस्या को उजागर करते हुए कहा कि आज देश में आधे से ज्यादा घर ऐसे हैं जिनमें पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं है. उनके जीवन का बड़ा हिस्सा पानी लाने में बीत जाता है. हमारी सरकार ने ‘हर घर में जल’ पीने का पानी लाने का संकल्प किया है.

जन सामान्य का अभियान बने
पेयजल की समस्या के बारे में पीएम मोदी ने कहा कि जैन मुनि महुड़ी ने लिखा है कि भविष्य में एक दिन ऐसा आएगा जब पानी किराने की दुकान में बिकेगा.

100 साल पहले उनकी कही बात सही हो गई है. आज हम किराने की दुकान से पानी खरीदते हैं. उन्होंने कहा कि जल संचय का यह अभियान सरकारी नहीं बनना चाहिए, जन सामान्य का अभियान बनना चाहिए.

आने वाले दिनों में जल जीवन मिशन को लेकर आगे बढ़ेंगे. इसके लिए केंद्र और राज्य मिल कर साथ काम करेंगे. साढ़े तीन लाख करोड़ से भी ज़्यादा इस पर खर्च करने का संकल्प किया है.
मिशन के बारे में पीएम मोदी ने आगे कहा कि वर्षा के पानी को रोकने, समुद्री पानी, माइक्रो इरिगेशन, पानी बचाने का अभियान, सामान्य नागिरक सजग हो, बच्चों को पानी के महत्ता की शिक्षा दी जाए. पीएम ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि 70 साल में जो काम हुआ है अगले पांच वर्षों में उससे पांच गुना अधिक काम हो, हमें इसका प्रयास करना है.

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