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सरदार पटेल ने देश की एकता और अखण्डता को साकार रूप दिया था:आनंदीबेन पटेल

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Lucknow :  लखनऊ: 28 अक्टूबर, 2020 


उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज राजभवन से आॅनलाइन भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित ‘भारतरत्न लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल’ के जीवन दर्शन, सिद्धान्त एवं उनके योगदान पर आधारित वेबिनार को सम्बोधित करते हुए कहा कि जब हम लौहपुरूष सरदार पटेल पर चर्चा करते हैं तो हम एक ऐसे अखण्ड भारत की चर्चा करते हैं, जिसमें सुशासन है, नागरिकों में आत्म सम्मान का बोध है और समावेशी विकास के प्रति एक राष्ट्रीय निष्ठा है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के जन्मदिन को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जानाआनंदीबेन पटेल ने कहा कि गुजरात के बड़ोदरा में ‘स्टेच्यू आॅफ यूनिटी’ के रूप में स्थापित सरदार वल्लभ भाई पटेल की विशाल प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को देश की एकता और अखण्डता को बनाये रखने की सदैव प्रेरणा देती रहेगीसमीचीन है, क्योंकि उन्होंने देश की एकता और अखण्डता को साकार रूप दिया था। 
राज्यपाल ने कहा कि सरदार पटेल वकील, स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ दृढ़ इच्छाशक्ति वाले महान व्यक्ति थे और उनका व्यक्तित्व भी बहुत विशाल था। सरदार पटेल के विचार आज भी प्रासंगिक और प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत एक सूत्र में बंधा हुआ है, जिसका श्रेय सरदार पटेल को ही जाता है। आजादी से पूर्व विद्यमान सभी रियासतों का विलय भारत में कराने में उन्होंने बहुत बड़ा योगदान दिया। उनके इस महान प्रयास के कारण ही आज हम एक बड़े लोकतांत्रिक देश के रूप में पूरे विश्व में पहचान बना पाये हैं। राज्यपाल ने कहा कि सभी लोग सरदार पटेल के विचारों को आत्मसात करें, ताकि भारत एक मजबूत एवं आत्मनिर्भर भारत बनने की दिशा में आगे बढ़ सके। 
श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि गुजरात के बड़ोदरा में ‘स्टेच्यू आॅफ यूनिटी’ के रूप में स्थापित सरदार वल्लभ भाई पटेल की विशाल प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को देश की एकता और अखण्डता को बनाये रखने की सदैव प्रेरणा देती रहेगी। राज्यपाल ने बताया कि बड़ोदरा की इस प्रतिमा निर्माण में देश के 6 लाख से अधिक ग्रामीण और किसानों ने लोहा दान किया था, जो देश के किसानों का सरदार पटेल के प्रति कृतज्ञता का भाव और सम्मान था। उन्होंने कहा कि 1918 में खेड़ा संघर्ष और 1928 में बारदोली सत्याग्रह के माध्यम से सरदार पटेल ने देश के किसानों के लिये महत्वपूर्ण संघर्ष किया था। राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में देश के किसानों की उन्नति एवं खुशहाली के लिये तीन कानून बनाये गये हैं, जो उनकी आय को दोगुना करने में भी सहायक होंगे। नये कृषि कानूनों से किसानों को अनेक बंधनों से आजादी मिलेगी। 
इस वेबिनार में मेघालय के पूर्व राज्यपाल तथागत राय, राजीव गांधी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 साकेत कुशवाह, पत्र सूचना कार्यालय के महानिदेशक आर0पी0 सरोज सहित अन्य लोग आॅनलाइन जुड़े हुए थे।

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