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सरकार ने अर्धसैनिक बलों के 8000 जवान कश्मीर भेजे, सेना और वायु सेना हाई अलर्ट पर

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य का पुनर्गठन किए जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद रखने के लिए सरकार ने अर्ध सैनिक बलों के 8000 जवानों को हवाई मार्ग से कश्मीर भेजा है। इसके अलावा सेना और वायु सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

श्रीनगर में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए हैं। आज गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में धारा 370 हटाने को लेकर विधेयक पेश कर दिया है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद सेना और वायुसेना को अलर्ट कर दिया गया है। राज्य में सुरक्षा पहले से ही कड़ी है। वहीं उमर अब्दुल्लाह समेत कई नेताओं को नजरबंद कर दिया गया है। कांग्रेस नेता उस्मान माजिद और सीपीएम नेता तारिगामी को गिरफ्तार कर लिया गया है। श्रीनगर में धारा 144 लागू कर दी गई है, लेकिन इस दौरान आम लोगों के आने-जाने पर रोक रहेगी।
अपडेट…

-जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद सेना और वायुसेना को अलर्ट कर दिया गया है। राज्य में सुरक्षा पहले से ही कड़ी है।
– जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के फैसले के बाद राज्य में 8 हजार के करीब अर्धसैनिक बलों को उत्तर प्रदेश, ओडिशा, असम और देश के अन्य हिस्सों से कश्मीर घाटी में लाया गया है। घाटी में सैनिकों की तैनाती जारी है।

– जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के फैसले के बाद राज्य में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। धारा 144 लागू है। राज्य में मोबाइल और इंटरनेट सेवा पर रोक है। आने जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

– कश्मीर मुद्दे पर एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी, कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, अंबिका सोनी, गुलाम नबी आजाद और सीपीआईएम ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है।

– जम्मू-कश्मीर पर नरेंद्र मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक चल रही है। इस बीच केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों को एडवाइजरी जारी की है। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही हिंसा को रोकने के लिए पुलिस से मॉक ड्रिल चलाने का निर्देश भी जारी किया गया है।

– पीडीपी के राज्यसभा सांसद नजीर अहमद लावे और मीर मोहम्मद फैयाज हाथों में काली पट्टी बांधकर संसद पहुचे। कश्मीर में मौजूदा हालात का काली पट्टी बांधकर किया विरोध।

– श्रीनगर में धारा 144 के बीच सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है।

बता दे, जम्मू कश्मीर में पहले अतिरिक्त जवानों की तैनाती का फैसला लिया गया, फिर अमरनाथ यात्रा रोकी गई और तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को घाटी से वापस जाने को कहा गया। अब खबर आई है कि जम्मू और कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। श्रीनगर में धारा 144 लगा दी गई है। ये अगले आदेश तक लागू रहेगी। जम्मू में सुबह 6 बजे से धारा 144 लगा दी गई है।

आदेश दिया गया है कि जनता का कोई मूवमेंट नहीं होगा। इस आदेश के संचालन की अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभा या रैलियां आयोजित करने पर पूर्ण प्रतिबंध होगा। जम्मू जिला प्रशासन ने अधिकारियों को एहतियात के तौर पर सोमवार को स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने के लिए कहा है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक की डीजीपी के साथ आपात बैठक जारी है। मुख्य सचिव भी बैठक में मौजूद हैं। महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को नजरबंद करने की खबर है।

इंदु कंवल चिब, उपायुक्त रियासी (जम्मू और कश्मीर) ने कहा, ‘रियासी जिले में धारा 144 लगाई गई है, सभी स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों की निजी और सरकारी दोनों तरह की कक्षाओं को अगले आदेश तक 5 अगस्त तक एहतियात के तौर पर निलंबित रखा जाएगा।’ कश्मीर यूनिवर्सिटी की सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। विनय तुषु, जम्मू विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया, ‘विश्वविद्यालय 5 अगस्त 2019 को बंद रहेगा। 5 अगस्त, 2019 को होने वाली स्नातक और स्नातकोत्तर की सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं।’ राघव लेंगर, उपायुक्त कठुआ (जम्मू और कश्मीर) ने कहा, ‘कठुआ में 5 अगस्त से स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे।’

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