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मुख्यमंत्री योगी ने श्रावस्ती व बलरामपुर में कोविड लेवल-2 अस्पताल शुरू कराए जाने के निर्देश दिए

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लखनऊ: 27 अगस्त, 2020

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद गोण्डा में जिला अस्पताल में 3237.54 लाख रूपए की लागत से निर्मित 300 शैय्यायुक्त उच्चीकृत चिकित्सालय भवन का लोकार्पण तथा 160 शैय्यायुक्त कोविड-19 अस्पताल का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देवीपाटन मण्डल मुख्यालय पर कोविड-19 अस्पताल के प्रारम्भ हो जाने से मण्डल व आस-पास के जनपदों के कोरोना संक्रमित लोगों को उच्चगुणवत्ता का इलाज व स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकंेगी तथा इस वैश्विक महामारी से लोगों की जान बचाई जा सकेगी। यह अस्पताल कोरोना से लड़ाई की दिशा में एक और महत्वूपर्ण कदम है।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने अस्पताल का निरीक्षण किया और जनप्रतिनिधियों, मण्डलायुुक्त, डीआईजी, डीएम तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ कोविड-19 एवं जनपद में बाढ़ की स्थिति तथा राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री जी ने गोण्डा कोविड-19 अस्पताल के बहुत अच्छे ढंग से संचालित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि यहां पर किसी चीज की कमी न हो। किसी स्तर पर शिकायत की गुंजाइश ना रहे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा के दौरान कहा कि आगामी 15 सितंबर तक विशेष रूप से सतर्कता बरती जाए तथा संवेदनशील स्थानों की विशेष निगरानी की जाए। उन्होंने मण्डल के प्रत्येक जनपद में बाढ़ राहत सामग्री व किट जनप्रतिनिधियों के माध्यम से युद्ध स्तर पर वितरित कराने के निर्देश दिए। उन्होनंे गोण्डा कोविड हास्पिटल कोे डिजिटल रूप से एस0जी0पी0जी0आई0, लखनऊ से जोड़ने के निर्देश दिए तथा पर्याप्त मात्रा में स्टाफ बढ़ाने को कहा, ताकि जांच का कार्य दो शिफ्टों में हो सके।
मुख्यमंत्री जी ने अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण को निर्देशित किया कि गोण्डा कोविड हॉस्पिटल में विशेष रूप से प्रशिक्षित मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टाफ सहित सभी आवश्यक उपकरणों की शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में कृत्रिम अभाव दिखा कर यूरिया की किल्लत पैदा करने तथा महंगे दामों पर बेचकर कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे काला बाजारियांे पर एन0एस0ए0 लगाकर कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान पेशेवर माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई में तेजी लाने तथा गौ तस्करी की घटनाओं पर एन0एस0ए0 के अंतर्गत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीट व गांव प्रहरी स्तर तक संवाद स्थापित किया जाए। इंफोर्समेंट की कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने के साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि बॉर्डर व संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने जनपद गोण्डा में बच्चे के अपहरण के दौरान पुलिस द्वारा की गई अच्छी कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि अपरहण की ऐसी दुस्साहसिक घटनाएं ना होने पायें। उन्होंने यह निर्देश भी दिए कि एक-एक गांव का सर्वे कराकर शिकायतों का त्वरित निस्तारण कराया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने अस्पताल के लोकार्पण पर सभी जनप्रतिनिधियों एवं जनता को बधाई देते हुए टाटा ट्रस्ट एवं बिल एण्ड मेलिंडा गेट्स फाउन्डेशन को एकीकृत कोविड अस्पताल में बदलने के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि नोएडा में 300 बेड का कोविड अस्पताल सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। गोण्डा में कोविड अस्पताल के शुभारंभ से पूरे पूर्वांचल को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि देवीपाटन मण्डल के बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर जनपद आकांक्षात्मक जनपद हैं। यह जनपद स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि व जीवन क्षेत्र के अन्य संसाधनों में पिछड़े हैं। इस अस्पताल से इन जनपदों को भी लाभ मिल सकेगा। इस मण्डल के तीन जनपद नेपाल सीमा से सटे होने के कारण यह मण्डल महत्वपूर्ण है। अब नोएडा और गोण्डा में कोविड-19 अस्पताल की स्थापना से प्रदेश के पश्चिमी-पूर्वी क्षेत्रों में कोरोना से लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान हो सकेगा। उन्होंने पूरी दुनिया से तुलना करते हुए कहा कि संसाधनों की उपलब्धता में उत्तर प्रदेश पिछड़ा है, फिर भी यहां पर पूरे देश के सापेक्ष केसेज की संख्या व मृत्यु दर काफी कम है। उन्होंने प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में कोरोना से लड़ी जा रही लड़ाई और समय से उठाए गए प्रभावकारी कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे देश सुरक्षित स्थिति में है, लेकिन हमें सतत सतर्क रहने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवीपाटन मण्डल में तीन मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं। जनपद बहराइच में बना मेडिकल कॉलेज इस वैश्विक महामारी में काम आ रहा है तथा बलरामपुर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 अटल जी की कर्म भूमि क्षेत्र में सेटेलाइट सेंटर के रूप में मेडिकल कालेज की स्थापना की जा रही है। गोण्डा में नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना की कार्रवाई भी हो रही है। इन तीनों मेडिकल कालेजों से इस क्षेत्र को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जहां मार्च माह में मात्र 60 कोरोना सैंपल की जांच की क्षमता थी, वहीं अब प्रदेश में 1.40 लाख से अधिक कोरोना सैंपल प्रतिदिन टेस्ट करने की क्षमता हो गई है। उन्होंने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर राज्य विधान मण्डल की कार्रवाई लगातार 36 घंटे संचालित होने का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान गोण्डा के जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई चर्चा व प्रयासों के फलस्वरूप हेल्थ सेक्टर के सुदृढ़ीकरण का अवसर मिला है।
मुख्यमंत्री ने इस अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण भी किया तथा तैनात कर्मियों से उनके प्रशिक्षण आदि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कर्मचारियों का आह्वान किया कि वह इस महामारी से डरे नहीं तथा मेहनत से अपना कार्य संपादित करें। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में चिकित्सकों, तकनीशियन व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती भी किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कोविड-19 व बाढ़ के संबंध में मण्डलीय अधिकारियों की बैठक करके गहन समीक्षा की। मण्डलायुक्त श्री एस0वी0एस0 रंगाराव ने मुख्यमंत्री को कोविड-19 की सैंपलिंग, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, कोरोना केसेज की भर्ती, एम्बुलेन्स, अस्पताल में बेड की स्थिति आदि के सम्बन्ध में विस्तृत रूप से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मण्डल में कुल 1,96,562 सैम्पल लिए गए हैं, जिसमें से 5,650 केसेज पाॅजिटिव पाए गए हैं। पाॅजिटिव पाए गए 5,650 मरीजों में से 4,065 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने जनपद श्रावस्ती व बलरामपुर में लेवल-2 अस्पताल शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने मण्डल के चारों जनपदों में एकीकृत कोविड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर कोे सतत सक्रिय रखने के निर्देश देते कहा कि अधिकाधिक लोगों की ड्यूटी लगाकर यह सुनिश्चित किया जाय कि आने वाली सभी समस्याओं का निस्तारण हो सके। इस सेन्टर में कोविड-19 से सम्बन्धित सभी सूचनाएं उपलब्ध रहें। उन्होंने जनपदवार एक डिप्टी सीएमओ की तैनाती करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोरोना जांच कार्यवाही युद्ध स्तर पर कराए जाने, पाजिटिव मरीजों को समय से अस्पताल पहंुचाने, एम्बुलेन्स में आक्सीजन का बैकअप व प्रशिक्षित स्टाफ रखे जाने के भी निर्देश दिए ताकि कोरोना से जीत हासिल की जा सके। उन्होंने कहा कि डोर टू डोर सर्वें में कोई शिकायत न आने पाये तथा जब तक वैक्सीन न आ जाए तब तक बिना किसी लापरवाही व गलतफहमी के पूरी तरह सतर्क रहकर कोरोना से जंग लड़ी जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने 300 शैय्यायुक्त चिकित्सालय एवं गोण्डा कोविड-19 हॉस्पिटल के संबंध में विस्तृत रूप से जानकारी दी। टाटा ट्रस्ट की रीजनल हेड सुश्री अमिता जैन, टाटा ट्रस्ट एवं बिल एण्ड मेलिंडा गेट्स फाउन्डेशन के कंट्री डायरेक्टर मेमाना हरि मेनन ने सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कार्य में उन्हें भी सम्मिलित किए जाने और पर्याप्त सहयोग दिए जाने पर आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री, सांसद बृजभूषण शरण सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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