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प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअल वाराणसी में 614 करोड़ रु0 की परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया

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Varanasi / Banaras :  लखनऊ: 09 नवम्बर, 2020
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी की जनता सहित देशवासियों से लोकल के प्रति आग्रही बनने, दिवाली का त्योहार लोकल के साथ मनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे पूरी अर्थव्यवस्था में जान आ जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ‘लोकल के लिए वोकल’ के साथ ही, ‘लोकल फाॅर दिवाली’ की गूंज चारो तरफ है। सभी देशवासी ‘लोकल फाॅर दिवाली’ का प्रचार करें। हर व्यक्ति जब लोकल की चर्चा करेगा, गर्व के साथ लोकल उत्पादों को खरीदेगा, नए-नए लोगों तक यह बात पहुंचाएगा कि हमारे लोकल प्रोडक्ट कितने अच्छे हैं, तब इनकी ख्याति दूर-दूर तकप्रधानमंत्री की देशवासियों से लोकल के प्रति आग्रही बनने, दिवाली का त्योहार लोकल के साथ मनाने की अपील, इससे पूरी अर्थव्यवस्था में जान आएगी

मुख्यमंत्री और उनकी टीम जनसेवा के एकनिष्ठ प्रयास के लिए बधाई की पात्र

‘लोकल के लिए वोकल’ के साथ ही, ‘लोकल फाॅर दिवाली’ की गूंज चारो तरफ, सभी देशवासी ‘लोकल फाॅर दिवाली’ का प्रचार करें: प्रधानमंत्री

स्थानीय उत्पादों की पहचान तो सुदृढ़ होगी ही, इन उत्पादों को बनाने वालों की दिवाली भी और रोशन होगी

गांव, गरीब, किसान आत्म निर्भर भारत अभियान के स्तम्भ भी हैं और लाभार्थी भी

प्रधानमंत्री ने अपने सम्बोधन के प्रारम्भ में भोजपुरी में सभी को दीपावली, छठ पूजा, धनतेरस, अन्नकूट, भइयादूज आदि त्योहारों की बधाई दी

महादेव के आशीर्वाद से काशी कभी नहीं थमती, मां गंगा की तरह आगे बढ़ती रहती

काशी पूरे पूर्वांचल के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का हब बन रही

कोरोना के खिलाफ काशी ने जिस तरह जीवटता से संघर्ष किया और सामाजिक एकजुटता दिखायी, वह सराहनीय

गंगा घाटों की स्वच्छता और सुंदरीकरण के साथ-साथ सारनाथ भी नए रंगरूप में निखर रहा

काशी की कनेक्टीविटी हमारी सरकारी की प्राथमिकता रही

वाॅटरवेज कनेक्टीविटी मंे वाराणसी माॅडल बन रहा, यहां देश का पहला वाॅटरपोर्ट बन चुका है

वाराणसी के चैतरफा विकास से पूर्वांचल सहित पूर्वी भारत को लाभ हुआ

प्रधानमंत्री ने जनपद वाराणसी के तीन नागरिकों-सुश्री प्रशान्ति सिंह, सुश्री नीलिमा मेहता तथा श्री विपुल कुमार अग्रवाल से संवाद किया

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में काशी की पुरातन काया को नया कलेवर देने के लिए अनेक विकास योजनाएं संचालित, इससे वैश्विक मंच पर काशी की पहचान बनी: मुख्यमंत्री

लगभग साढ़े 6 वर्ष में 18 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के माध्यम से वाराणसी का विकास कराया गयाजाएगी। इससे स्थानीय उत्पादों की पहचान तो सुदृढ़ होगी ही, इन उत्पादों को बनाने वालों की दिवाली भी और रोशन होगी। 
प्रधानमंत्री आज वर्चुअल माध्यम से जनपद वाराणसी की 614 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करने के पश्चात अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री जी ने जनपद वाराणसी के तीन नागरिकों-अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सुश्री प्रशान्ति सिंह, गृहणी सुश्री नीलिमा मेहता तथा व्यवसायी श्री विपुल कुमार अग्रवाल से संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान वाराणसी जिला प्रशासन द्वारा काशी के विकास पर आधारित एक फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
प्रधानमंत्री जी ने अपने सम्बोधन के प्रारम्भ में भोजपुरी में सभी को दीपावली, छठ पूजा, धनतेरस, अन्नकूट, भइयादूज आदि त्योहारों की बधाई देते हुए बाजारों में रौनक बढ़ने, अच्छी फसल होने तथा काशी की गलियों के चमकने की कामना की। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से काशी में विकास कार्यों का लाभ वाराणसी के लोगों को मिल रहा है। महादेव के आशीर्वाद से काशी कभी नहीं थमती, मां गंगा की तरह आगे बढ़ती रहती है। कोरोना काल में भी काशी आगे बढ़ती रही। कोरोना के खिलाफ काशी ने जिस तरह जीवटता से संघर्ष किया और सामाजिक एकजुटता दिखायी, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में आज काशी में हजारों करोड़ों रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महादेव के आशीर्वाद से काशी के नए कार्यों की शुरुआत से पहले पुराने संकल्प सिद्ध हो चुके होते हैं। एक ओर शिलान्यास होता है, तो दूसरी ओर लोकार्पण किया जाता है। आज काशी में लगभग 400 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास एवं 200 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी एवं उनकी टीम को जाता है। योगी जी और उनकी टीम जनसेवा के एकनिष्ठ प्रयास के लिए बधाई की पात्र है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बनारस के विकास की योजनाओं में पर्यटन, संस्कृति, सड़क, बिजली, पानी आदि से सम्बन्धित योजनाएं सम्मिलित हैं। बनारस में जिस प्रकार मां गंगा की स्वच्छता से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक, सड़क से लेकर पर्यटन तक, बिजली व्यवस्था से लेकर खेलकूद तक हर क्षेत्र में प्रगति और विकास हो रहा है, वह एक उदाहरण है। वाराणसी में शाही नाला से अतिरिक्त सीवरेज के लिए डायवर्जन किया जा रहा है। खिड़कियां घाट को सवारा जा रहा है। दशाश्वमेध घाट पर टूरिस्ट प्लाजा का निर्माण कराया जा रहा है। इससे पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी। छोटे-छोटे व्यापार के लिए सुविधा होगी और ग्राहक भी बढ़ेंगे। 
प्रधानमंत्री ने कहा कि मां गंगा को लेकर किए जा रहे यह प्रयास, प्रतिबद्धता भी है और काशी का संकल्प भी। यह काशी के लिए नई संभावनाओं का रास्ता भी है। धीरे-धीरे यहां के घाटों की तस्वीर बदल रही है। गंगा घाटों की स्वच्छता और सुंदरीकरण के साथ-साथ सारनाथ भी नए रंगरूप में निखर रहा है। सारनाथ में लाइट एण्ड साउण्ड शो की व्यवस्था से यहां की भव्यता बढ़ जाएगी।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि काशी की एक बड़ी समस्या यहां लटकते बिजली के तारों के जाल की रही है। आज काशी का बड़ा क्षेत्र बिजली के तारों के जाल से भी मुक्त हो रहा है। तारों को अंडरग्राउंड करने का एक और चरण, आज पूरा हो चुका है। कैंट स्टेशन से लहुरावीर सहित 07 रूट पर बिजली के लटकते तारों से छुटकारा हो गया है। छोटी एल0ई0डी0 लाइट से गलियों में रोशनी और सुन्दरता बढ़ गई है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि काशी की कनेक्टीविटी हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है, काशी आने वालों के लिए नया इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है। बाबतपुर एयरपोर्ट से शहर को कनेक्ट करने वाली सड़क अब बनारस की नई पहचान बनी है। आज एयरपोर्ट पर दो पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज का लोकार्पण होने के बाद इन सुविधाओं का और विस्तार होगा। 6 वर्ष पहले जहां बनारस से हर दिन 12 फ्लाइट्स चलती थीं, आज इससे 4 गुणा अधिक फ्लाइट्स चलती हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बनारस आज रोड इंफ्रास्ट्रक्चर का कायाकल्प देख रहा है। शहर के भीतर और आस-पास के इलाकों की तस्वीर बदली है। आज कई सड़कों का कार्य प्रारम्भ हुआ। साथ ही, कई कार्य पूर्ण होने वाले हैं। रोड के साथ वाॅटरवेज कनेक्टीविटी मंे भी वाराणसी माॅडल बन रहा है। यहां देश का पहला वाॅटरपोर्ट बन चुका है। बनारस में खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व कार्य हुआ है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि बीते 6 सालों से बनारस में हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी अभूतपूर्व काम हुआ है। काशी पूरे पूर्वांचल के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का हब बन रही है। रामनगर में श्री लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल का उच्चीकरण हुआ है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के महामना पण्डित मदन मोहन मालवीय कैंसर सेण्टर तथा होमी भाभा कैंसर हाॅस्पिटल पहले से सेवाएं दे रहे हैं। बी0एच0यू0 की सुपर स्पेशियलिटी में गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। वाराणसी के चैतरफा विकास से पूर्वांचल सहित पूर्वी भारत को लाभ हुआ है। अब यहां के लोगों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दिल्ली, बम्बई जाने की आवश्यकता नहीं हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बनारस और पूर्वांचल के किसानों के लिए स्टोरेज से लेकर ट्रांसपोर्ट तक की अनेक सुविधाएं यहां तैयार की गई हैं। इन्टरनेशनल राइस इन्स्टीट्यूट का सेन्टर, मिल्क प्राॅसेसिंग प्लांट, पेरिशबल कार्गो सेन्टर के निर्माण जैसी अनेक सुविधाओं से किसानों को बहुत लाभ हो रहा है। कृषि के क्षेत्र में कार्य से किसानों को लाभ हो रहा है। गर्व की बात है कि इस वर्ष पहली बार वाराणसी से फल, सब्जियां विदेश निर्यात की गयीं। आज कपसेठी में 100 मीट्रिक टन गोदाम का लोकार्पण किया गया है। गांव, गरीब, किसान आत्म निर्भर भारत अभियान के स्तम्भ भी हैं और लाभार्थी भी। कृषि सुधारों से उन्हें लाभ हुआ है, बिचैलिये और दलाल सिस्टम से बाहर हो रहे हैं। इसका सीधा लाभ देश के किसानों को होगा। 
इसी तरह रेहड़ी, पटरी पर व्यवसाय करने वालों के लिए भी प्रधानमंत्री स्वनिधि नामक महत्वाकांक्षी योजना लागू की गयी है। इसके अन्तर्गत रहेड़ी और पटरी व्यवसायियों को 10 हजार रुपए का आसान ऋण दिया जा रहा है। इससे कोरोना के कारण आने वाली दिक्कते दूर हुई हैं ओर उनका काम-काज फिर से प्रारम्भ हुआ है। 
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि गांव में रहने वाले लोगों को, गांव की जमीन, गांव के घर का, कानूनी अधिकार देने के लिए ‘स्वामित्व योजना’ शुरू की गई है। गाँवों में घर मकान को लेकर जो विवाद होते थे, इस योजना से मिले प्रॉपर्टी कार्ड के बाद, उनकी गुंजाइश नहीं रह जाएगी। इससे बैंक से ऋण लेना आसान होगा। साथ ही, अवैध कब्जे की स्थितियां भी समाप्त होंगी। उन्होंने कहा कि यह योजना पूरे पूर्वांचल और बनारस के लोगों के लिए लाभकारी है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में काशी की पुरातन काया को नया कलेवर देने के लिए अनेक विकास योजनाएं चलायी जा रही हैं। इससे वैश्विक मंच पर काशी की पहचान बनी है। प्रधानमंत्री जी ने अनेक व्यवस्तताओं के बावजूद काशी के लिए समय निकाला है। इसके फलस्वरूप काशी की विकास यात्रा निरन्तर आगे बढ़ रही है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत लगभग साढ़े 6 वर्ष में 18 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के माध्यम से वाराणसी का विकास कराया गया है। अब तक 8442.65 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण किया जा चुका है। आज 614 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया जा रहा है। 200 करोड़ रुपए की परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, किन्तु आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण उनका लोकार्पण नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केन्द्र व राज्य सरकार की 8,900 करोड़ रुपए की परियोजनाएं संचालित हैं, जो आगामी महीनों में पूर्ण होंगी।
ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री जी द्वारा आज जनपद वाराणसी की 30 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं की कुल लागत 614 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं में लगभग 220 करोड़ रुपए की 16 परियोजनाआंे का लोकार्पण तथा 394 करोड़ रुपए से अधिक की 14 परियोजनाओं का शिलान्यास सम्मिलित है।
लोकार्पित परियोजनाओं में वाराणसी नगर में आई0पी0डी0एस0 के द्वितीय चरण का कार्य, जनपद वाराणसी में 102 नए गो-आश्रय स्थल, सारनाथ में लाइट एण्ड साउण्ड शो, वाराणसी नगर के ए0बी0डी0 क्षेत्र में स्मार्ट प्रकाश व्यवस्था, सहकारी समिति लिमिटेड कपसेठी में 100 एम0टी0 गोदाम तथा 105 आंगनबाड़ी केन्द्र, रामनगर वाराणसी के श्री लाल बहादुर शास्त्री हाॅस्पिटल का उच्चीकरण, जायका सहायतित गंगा एक्शन प्लान प्रोजेक्ट के तहत कोनिया पी0एस0 भगवानपुर, एस0टी0पी0, दीनापुर एस0टी0पी0 और 05 घाट एस0पी0एस0 के नवीनीकरण और पुनर्वास का कार्य, श्री लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर 2 पैसेन्जर बोर्डिंग ब्रिज आदि के कार्य प्रमुख हंै। 
प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास की गई परियोजनाओं में पूरे वाराणसी शहर के लिए आधुनिक सर्विलांस सिस्टम की स्थापना, 34वीं वाहिनी पी0ए0सी0 भुल्लनपुर एवं 36वीं वाहिनी पी0ए0सी0 रामनगर में 200 व्यक्तियों की क्षमता के बैरक का निर्माण, औद्योगिक क्षेत्र चांदपुर-महेशपुर में भीतरी मार्गों का चैड़ीकरण एवं जल निकासी व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण, बेनियाबाग पार्क का पुनर्विकास एवं सुधार, खिड़किया घाट का पुनर्विकास एवं सुधार, दशाश्वमेध घाट पर टूरिस्ट प्लाजा का निर्माण, पुरानी काशी जंगमबाड़ी वाॅर्ड का पुनर्विकास, वाराणसी शहर में ओ0टी0एस0 से आर0टी0एस0 में अतिरिक्त सीवर प्रवाह को मोड़ने के लिए अतिरिक्त डायवर्जन हाॅल, चैकाघाट स्थित पद्मविभूषण, गिरजा देवी सांस्कृतिक संकुल परिसर में बहुउद्देशीय हाल का उच्चीकरण तथा सड़क निर्माण के कार्य प्रमुख हैं।
 

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