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निर्भया के दोषियों को फांसी देने से पहले सुनाया जाएगा गरुड़ पुराण…

निर्भया के चारों दोषियों को 22 जनवरी को मृत्युदंड दिया जाएगा। दोषियों की सजा टालने की कोशिशों के बीच फांसी की तैयारी में लगे तिहाड़ जेल प्रशासन से प्रदीप रघुनंदन ने गरुड़ पुराण सुनाने का प्रस्ताव रखा। बीते 14 साल से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कारागार में बंदियों को अपराध मुक्त करने के लिए प्रयास करने वाले जेल सुधारक प्रदीप रघुनंदन बताते हैं कि फांसी की सजा पाए दोषियों को मानसिक भय से मुक्ति और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के अनुसार मृत्युदंड को स्वीकार करने और उनकी आत्मा की सद्गति के लिए गरुड़ पुराण का पाठ सुनाना भारतीय धर्म एवं संस्कृति के अनुसार पुण्यदायी होता है। उन्होंने केंद्रीय कारागार के महानिदेशक संजीव गोयल से दोषियों को गरुड़ पुराण सुनाने की अनुमति मांगी है। उनका कहना है कि लिखित आदेश मिलते ही वह इसकी तैयारी शुरू कर देंगे।

जानकारी के मुताबिक बता दें 16 दिसंबर 2012 की रात में दिल्ली में चलती बस के अंदर एक पैरामेडिकल छात्र से गैंगरेप किया गया था। जिसके बाद अस्पताल में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया था। इस घटना से आहत देशभर के लोगों ने दुख जताया था और उसके साथ दरिंदगी करने वालों को सख्त सजा की मांग उठाई थी। निचली अदालत से सुनवाई के बाद और फिर सुप्रीम कोर्ट तक सुनवाई करते हुए मामले में चारों अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई है। सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी है। अब निर्भया कांड के चारों दोषियों को फांसी देने के लिए 22 जनवरी की तारीख तय की गई है।

आपको बता दें प्रदीप ने उप्र और उत्तराखंड की ज्यादातर जेलों में रेडियो जॉकी, जेल स्टूडियो, बंदियों के मनोरंजन और स्वास्थ्य सुधार के लिए कैरम, चेस और आउटडोर में वालीबॉल व फुटबॉल की व्यवस्था करवाई है। वह तिहाड़ जेल अधिकारियों से भी जुड़े हैं।

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