Breaking News
Home » Astrology » गरुण पुराण के कुछ चमत्कारी तथ्य….

गरुण पुराण के कुछ चमत्कारी तथ्य….

दिल्ली: हिन्दू धर्म में कहा जाता है कि गरुण पुराण को मृत्यु के समय ही पढ़ा जाना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं है। गरुण पुराण में कुछ ऐसे उपाय दिए हुए है जिसके बारे में बहुत काम ही लोग जानते है, क्योकि लोग इसे पढ़ते ही नहीं है वो भी इस दर से कि ये तो केवल मृत्यु के समय हे पढ़ा जाता है ,संजीवनी विद्या उन्हीं में से एक है। इस विद्या में, मृत व्यक्ति को, जीवित करने का तरीका बताया गया है। इसमें ऐसे ऐसे मंत्र बताये गये हैं, जिससे मृत व्यक्ति भी जीवित हो सकता है। अगर -यक्षि ओम उं स्वाहा- इस मंत्र को सिद्ध करके, मृत व्यक्ति के कान में फूंका जाये, तो वह तुरंत उठ खड़ा होगा। लेकिन मंत्र सिद्धि के बाद, दशांश हवन, और ब्राह्मण भोजन कराना ज़रूरी है।
इसमें लक्ष्मी प्राप्ति के भी अचूक उपाय बताये गये हैं। अगर किसी के जीवन में दरिद्रा लक्ष्मी, डेरा डाले, काफी लंबे समय से बैठी हों, तो इसमें गरीबी दूर करने का अचूक मंत्र बताया गया है। ओम जूं स :- इस मंत्र के जाप से, एक महीने में ही जन्म जन्म की गरीबी दूर हो जाती है।
भगवान विष्णु कहते हैं कि मृत्यु के बाद, आत्मा को तुरंत शरीर मिल जाता है। लेकिन कर्मों की गति के आधार पर, कभी कभी देर से भी शरीर मिलता है। मृत्यु के बाद, आत्मा वायु शरीर धारण करती है। उसके बाद पिंडदान से आत्मा, शरीर में बंध जाती है। इसीलिये मृत्यु के बाद, पिंडदान करने से, आत्मा को भटकन से मुक्ति मिल जाती है।
गरुण पुराण में श्राद्ध और तर्पण के भी नियम बताये गये हैं। तर्पण के लिये, जल में दूध और तिल मिलायें। फिर पितृ गायत्री मंत्र पढ़ते हुये, दक्षिण की ओर मुख कर, बांया घुटना ज़मीन पर लगाकर, जनेऊ,गमक्षा दांयें कंधे पर रख कर तर्पण करना चाहिये। जल के तर्पण के लिये चांदी, तांबे या फिर पीतल के बर्तन प्रयोग करें। लेकिन चांदी के बर्तन से तर्पण करने से, पितरों की आत्मा को तृप्ति मिलती है। स्टील के बर्तन से तर्पण न करें।

 

Dhamaka News

 

About dhamaka