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क्या होती है विसरा जांच, सुशांत की मौत के मामले में क्यों है महत्वपूर्ण?

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बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. सीबीआई की एसआईटी इस केस में हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि सुशांत की मौत कैसे हुई. सीबीआई की टीम इस सवाल का जवाब तलाश करने के लिए एम्स के डॉक्टरों की मदद ले रही है. इस हाई प्रोफाइल मामले में कई ऐसे पहलू हैं, जो तफ्तीश के दौरान अहम रोल अदा करेंगे. लेकिन सबसे अहम है सुशांत की विसरा रिपोर्ट.

क्या होता है विसरा? कैसे होती है जांच?
किसी की मौत हो जाने के बाद अगर पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराती है, तो इस दौरान मरने वाले के शरीर से विसरल पार्ट यानि आंत, दिल, किडनी, लीवर आदि अंगों का सैंपल लिया जाता है, उसे ही विसरा कहा जाता है. अगर किसी शख्स की मौत संदिग्ध हालात में होती है. उसकी मौत के पीछे पुलिस या परिवार को किसी भी तरह का शक होता है, तो ऐसे मामलों में मौत की वजह जानने के लिए विसरा की जांच की जाती है.

विसरा की जांच केमिकल एक्जामिनर करते हैं. वो विसरा की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि मौत कैसे हुई और मौत की वजह क्या थी? इस जांच में मौत का वक्त, मौत का बताया गया वक्त, शरीर के अंदरूनी अंगों का रंग, नसों की सिकुड़न, पेट में मिलने वाले खाने के अवशेष आदि बहुत अहम होते हैं. इसलिए विसरा जांच में मौत का कारण साफ पता चल जाता है. विसरा रिपोर्ट को न्यायालय में सबूत के तौर पेश किया जाता है. विसरा की जांच संदिग्ध हालात में मौत, गोली लगने से मौत, जहर से मौत, गला रेत कर मौत, रेप के बाद मौत, डूब जाने से मौत या करंट लग जाने पर होने वाली मौत के मामलों में कराई जाती है. शक के आधार पर पुलिस विसरा जांच कराती है.

सुशांत सिंह राजपूत की विसरा रिपोर्ट अहम
सुशांत की मौत की गुत्थी सुलझाने के मकसद से सीबीआई की एसआईटी ने मौका-ए-वारदात की फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी और सुशांत की विसरा रिपोर्ट एम्स के विशेषज्ञों को भेजी है. दरअसल, सीबीआई की टीम पीएम रिपोर्ट और विसरा रिपोर्ट से पता लगानी चाहती है कि सुशांत की मौत का कारण क्या था. सुशांत को जहर या इस जैसा कोई पदार्थ तो नहीं दिया गया? सुशांत को कोई संदिग्ध दवा तो नहीं दी गई थी? इन सब सवालों के जवाब विसरा की जांच से ही मिल सकते हैं.

हालांकि मुंबई पुलिस के मुताबिक विसरा रिपोर्ट में लिखा है कि सुशांत के शरीर में किसी तरह का कोई जहर नहीं पाया गया. ऐसे में एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टर सुधीर गुप्ता की राय अहम होगी. उनकी राय के बाद ही सीबीआई इस बात का फैसला करेगी कि इस केस में कार्रवाई आत्महत्या के एंगल से होगी या हत्या के एंगल से.

वैसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सुशांत की मौत की वजह आत्महत्या बताई गई थी. वहीं 25 जून को फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई थी. जो 5 डॉक्टर्स की टीम ने तैयार की थी. उस रिपोर्ट में भी कहा गया था कि सुशांत की मौत फांसी लगने के बाद दम घुटने से हुई है. अब ऐसे में इस मामले को सुलझाने के लिए सीबीआई की मांग पर एम्स के विशेषज्ञों की टीम सुरक्ष‍ित रखे गए सुशांत के विसरा का टेस्ट कर रही है. मेड‍िकल टीम को शक है क‍ि कहीं सुशांत को जहर तो नहीं दिया गया था. एम्स (AIIMS) के फोरेंसिक डिपार्टमेंट के हेड और सुशांत केस के लिए गठ‍ित मेड‍िकल बोर्ड के चेयरमैन डॉ सुधीर गुप्ता ने बताया क‍ि जांच दस दिन के अंदर पूरी की जाएगी और जांच की रिपोर्ट भी आ जाएगी. इस संबंध में मेड‍िकल बोर्ड की अगली मीट‍िंग 17 सितंबर को होगी.

विसरा जांच के लिए आधुनिक उपकरण
एम्स के पास विसरा टेस्ट के लिए सभी तरह के आधुनिक उपकरण मौजूद हैं. ये उपकरण FBI भी इस्तेमाल करती है. ऐसे में चूक की गुंजाइश ही नहीं है. सुशांत मामले में एम्स के तीन डॉक्टरों की टीम ने सुशांत की बॉडी का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों से सवाल-जवाब किए हैं. एम्स के डॉक्टरों ने सुशांत के गले में मौजूद जख्म के निशान को लेकर भी पोस्टमार्टम करने वाली टीम से पूछताछ की है. ऐसे कई पहलू हैं, जिनको एम्स के विशेषज्ञ खंगाल रहे हैं.

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