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केयर ने घटाई अनिल अंबानी की रिलायंस कैपिटल की रेटिंग

  कर्ज के बोझ से दबी अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के बॉन्ड की केयर (Care)रेटिंग्स ने गत शुक्रवार को रेटिंग घटाकर ‘डी’ से ‘बीबी’ कर दी थी. केयर के इस कदम से कंपनी भड़क गई है, क्योंकि यह डिफाल्ट रेटिंग है, यानी इस रेटिंग का मतलब है कि रिलायंस कैपिटल के बॉन्ड में पैसा लगाना जोखिम भरा है. रिलायंस कैपिटल ने इस रेटिंग की आलोचना की है.

गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी रिलायंस कैपिटल द्वारा कई नॉन-कन्वर्टिबल डीबेंचर के ब्याज भुगतान में एक दिन की देरी और कंपनी की नकदी की हालत खराब रहने का हवाला देते हुए केयर

केयर ने रिलायंस कैपिटल की रेटिेंग घटा दी हैइससे कंपनी काफी भड़क गई हैकंपनी का कहना है कि इससे निवेशकों का नुकसान होगाकंपनी का कहना है कि उसकी सफाई को नहीं माना गया

ने यह रेटिंग घटाई थी. रिलायंस कैपिटल ने इसकी आलोचना करते हुए कहा है कि इससे लाखों निवेशकों का नुकसान होगा.

रिलायंस कैपिटल ने कहा है कि उसने तय समय तक पैसा जुटा लिया था और बॉन्ड पर भुगतान में देरी बैंक के सर्वर में तकनीकी खामी की वजह से हुई है. रिलायंस ने शनिवार को स्टॉक्स एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में कहा, ‘केयर ने मनमाने तरीके से हमारी सफाई का असम्मान किया है और कंपनी को टिप्पणी करने का कोई अवसर नहीं दिया.

बयान में कहा गया है, ‘केयर के बेहद गैर पेशेवर, पक्षपाती और अन्यापूर्ण कदम से आगे ऐसी घटनाएं होंगी जिनसे लाखों ऐसे छोटे और संस्थागत निवेशकों के हितों को नुकसान होगा, जिनका कंपनी के प्रतिभूतियों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष निवेश है.’

रिलायंस की इस आलोचना पर अभी केयर की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है. गौरतलब है कि रिलायंस कैपिटल एक गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी है और यह सेक्टर पहले से ही नकदी की तंगी से परेशान है. इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग ऐंड फाइनेंशियल सर्विसेज (IL&FS) के एक साल पहले खस्ताहाल हो जाने के बाद यह सेक्टर परेशान है.

रिलायंस कैपिटल के ऑडिटर प्राइसवाटरहाउसकूपर्स (PwC) ने जून महीने में इस्तीफा दे दिया था. ऑडिटर का कहना था कि उसे पूरी जानकारी नहीं दी जा रही. रिलायंस कैपिटल का कहना है कि उसने ऑडिटर के सभी सवालों का पुख्ता जवाब दिया था.

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