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इस महामारी में आत्मानुशासन सबसे जरुरी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी ने बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बौद्ध भिक्षुओं के साथ की बात
बौद्ध भिक्षुओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों को सराहा, सुझाव भी दिए
कोरोना जैसे संकट में भी बुद्ध की धरती ने खुद को सुरक्षित करके रखा है
07 मई, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान बुद्ध ने शांति, करुणा, मैत्री आदि के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने और मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने का संदेश दिया था। भगवान बुद्ध के ये संदेश आज भी प्रासांगिक है। वास्तव में अनादिकाल से शासन का उद्देश्य लोक कल्याण ही रहा है। इस महामारी में आत्मानुशासन सबसे जरुरी है। हमें हरदम के लिए इसे सीखने की जरुरत है। संकट में समाज ही असली साथी होता है। एक दूसरे की मदद से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान निकल जाता है। सीएम योगी ने बुद्ध भिक्षुओं को बुद्ध पूर्णिमा की बधाई देने के साथ ही उनसे प्रदेश सरकार से संबंधित सुझावों को भी सुना। इस दौरान बौद्ध भिक्षुओं ने सीएम योगी द्वारा किए गए कार्यों की सराहना भी की।
ये बातें मुख्यमंत्री योगी ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर बौद्ध भिक्षुओं के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कहीं। उन्होंने कहा सभी लोग कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी की संवेदनशीलता से अच्छी तरह से परिचित हैं। इस महामारी से बचाव के लिए जब तक कोई वैक्सीन अथवा उपचार हेतु कोई दवा नहीं तैयार कर ली जाती, तब तक इस पर नियंत्रण के लिए दो उपाय, लॉक डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग ही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया सदी की सबसे बड़ी महामारी कोरोना से प्रभावित है। अमेरिका समते कई सामर्थ्यवान देश भी इस महामारी के सामने विवश महसूस कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समयबद्ध ढंग और दूरदर्शी फैसलों के कारण ही भारत कोरोना संक्रमण की स्थिति को पूरी तरह रोकने में सफल हुआ है। अब तक पूरी दुनिया में ढाई लाख लोगों की मौत हो चुकी है। इन सभी परिस्थितियों में भी बुद्ध की इस धरती ने खुद को सुरक्षित करके रखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने गरीब कल्याण योजना की घोषणा की है। ऐसे में गरीब कल्याण योजना में 80 करोड़ लोगों को शासन का लाभ मिल रहा है। प्रदेश सरकार के स्तर पर सभी गरीबों को खाद्यान्न के साथ साथ भरण-पोषण भत्ते की व्यवस्था की गई है। सरकार पहली मार्च से अब तक उत्तर प्रदेश में 7 लाख मजदूरों को वापस लाने में सफल हुई है। 4 मई से 46 ट्रेनों के जरिए बाहर के राज्यों में रहने वाले यूपी के श्रमिकों को सुरक्षित लाने की व्यवस्था भी सरकार ने की है और कर रही है। कोटा और प्रयागराज से प्रतियोगी छात्र-छात्राओं को सुरक्षित वापस लाकर उन्हें उनके घर तक पहुंचाने मंर भी सरकार सफल हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आने वाले श्रमिकों के लिए सरकार ने आश्रय स्थल बनाए हैं। सरकार ने कोविड से लड़ने के लिए 50 हजार बेड चिकित्सालयों में तैयार किए हैं। मई के अंत तक इसकी संख्या एक लाख तक पहुंच जाएगी।
*भारत का शासन आज धर्म का शासन है: भदंत शांति मित्र*
इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के अध्यक्ष  भदंत शांति मित्र ने बातचीत करते हुए कहा कि भारत का शासन आज धर्म का शासन है। जो तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने सभी बौद्ध भिक्षुओं से अपील करते हुए कहा कि इस वैश्विक महामारी के दौरान हम अपने स्तर पर एकता बनाते हुए सरकार की हर संभव मदद करनी चाहिए। इसके अलावा कई और बौद्ध भिक्षुओं ने मुख्यमंत्री योगी से अपने सुझावों को साझा किया।
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